भिवानी। साहब फसल तो मैं मंडी लै कै आया सूं, पण फसल के कागज मेरी घर आली के नाम सै। मंडी में फसल लेकर आए किसानों से पूछताछ के साथ साथ अब इस तरह सवालों के जवाब अधिकारी जानने में जुटे हैं। वहीं दूसरे राज्यों के बाजरे पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए खरीद के दौरान मंडी पहुंचे किसानों की कर्मचारी फोटो भी फसल के साथ खींच रहे हैं, ताकि उनका मिलान हो सके और कोई भी फर्जी रजिस्ट्रेशन या फर्जी किसान अपनी फसल मंडी में बेचकर सरकार को चूना न लगा सके। जिले की मंडियों में 70 हजार 212 रजिस्टर्ड किसानों का बाजरा खरीद होगा। लेकिन मंडी में रजिस्टर्ड किसान भी ट्रैक्टर ट्रॉली में मैसेज से अधिक फसल लेकर मंडी आ रहे हैं, ऐसे किसानों को गेट पास की बजाय वापस लौटाया जा रहा है।
बिना झराई के मंडी में चल रहा भराई का खेल
कई अनाज मंडियों में बिना झराई के ही भराई का खेल चल रहा है। भिवानी मंडी सहित अन्य ग्रामीण मंडियों में कई आढ़तियों के पास ऑटोमेटिक पंखा यानी बाजरा झराई का पंखा तक नहीं है। मैनुअल तरीके से झराई का प्रयास किया जा रहा है, जिससे की फसल की अच्छी तरह से साफ सफाई तक नहीं हो रही है। झाडू से ही बाजरा साफ किया जा रहा है। यही वजह है कि खरीद के दौरान कई खराब ढेरियों को रिजेक्ट तक किया जा रहा है। हालांकि सरकारी तौर पर खरीद हो चुके बाजरे की बिना झराई भराई की वजह से गोदामों से भी गाड़ियां वापस लौटाई गई हैं। तुलाई, झराई और भराई की देख-रेख का जिम्मा मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों का है। मगर कोई भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
शेडयूल बढ़ाने से मंडी में पहुंचे ज्यादा किसान, 30 फीसदी तक बढ़ी आवक तो बिगड़े इंतजाम
मंडियों में बाजरा खरीद को लेकर सोमवार से शेड्यूल में थोड़ा फेरबदल हो गया। इस वजह से अकेले भिवानी मंडी में 25 से 30 फीसदी अधिक किसान पहुंचे। सामान्यत: भिवानी मंडी में 70 से 80 किसानों की ही फसल खरीद की जा रही थी, लेकिन सोमवार को 153 किसानों के गेट पास शाम तक काटे गए। अब शेड्यूल 50 फीसदी से 80 फीसदी तक बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
दस्तावेजों में नहीं हुआ मिलान तो भड़क उठे किसान
मंडी में आए किसानों की फसल और उनके दस्तावेजों का मैसेज और रिकार्ड से मिलान नहीं हुआ तो मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारियों ने उन किसानों का प्रवेश रोक दिया। इसी को लेकर किसान भी भड़क उठे और कर्मचारियों के साथ ही उलझ बैठे। उनमें खूब तीखी नोंकझोंक भी हुई।
मंडियों में ये किसान हो चुके हैं रजिस्टर्ड
मंडी रजिस्टर्ड किसान
भिवानी 17065
तोशाम 17027
सिवानी 11633
बवानीखेड़ा 5839
लोहारू 1073
बहल 9321
एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के दौरे के बाद सतर्क हुए अधिकारी
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के मंडियों के दौरे किए जाने के बाद खरीद एजेंसी व मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। एसीएस ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी, इसलिए खरीद में पात्र किसान की ही फसल मंडी पहुंचे और उसकी खरीद के बाद नियमित उठान कराया जाए। यही वजह है कि मंडी में अब खरीद के दौरान अधिकारियों ने भी अपनी चौकसी बढ़ा दी है।
वर्जन-
सीजन के दौरान सभी खरीद एजेंसियों द्वारा करीब एक लाख 12 हजार मीट्रिक टन बाजरा व आवक के अनुसार मूंग की खरीद की जाएगी। मंडियों में चौकसी बढ़ाई गई हैं ताकि वास्तविक किसानों को फसल बिक्री में किसी तरह की कोई दिक्कतें न आएं और कर्मचारियों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई हैं।
- अनिल कालरा नोडल अधिकारी खरीद एजेंसी एवं डीएफएससी भिवानी।