भिवानी। भिवानी जिले में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत ग्रेप एक लागू कर दिया गया है। शुक्रवार को जिले में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 241 दर्ज किया गया, जो अत्यंत खराब श्रेणी में आता है।
जिला प्रशासन ने निर्माण साइटों, भवन निर्माण और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए विशेष हिदायतें जारी की हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सड़कों और निर्माण क्षेत्रों पर धूल-मिट्टी न उड़ने के उपाय बढ़ा दिए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सड़कों की सफाई और पानी छिड़काव के माध्यम से भी प्रदूषण कम करने के निर्देश दिए गए हैं। धुआं उगलने वाले उद्योगों पर भी सख्त निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश हैं। हालांकि दिवाली के बाद सुबह का स्मॉग थोड़ी कम दिख रहा है, फिर भी वायु प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है। सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याओं की चेतावनी जारी है।
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आम लोगों के लिए हिदायतें
वाहन का नियमित रखरखाव और पीयूसी प्रमाणपत्र अपडेट रखें।
इंजन बेकार न चलाएं, ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद करें।
सार्वजनिक परिवहन या विद्युत वाहन का उपयोग करें।
खुले में कचरा या जैव अपशिष्ट न जलाएं।
प्रदूषण की शिकायत एप के माध्यम से दर्ज कराएं।
अधिक पेड़ लगाएं और त्योहार पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएं।
धूल फैलाने वाली निर्माण गतिविधियां सीमित करें।
ट्रैफिक नियमों का पालन कर भीड़भाड़ कम करें।
जिले में ग्रेप एक की हिदायतों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकारी परियोजनाओं और निर्माण साइटों पर धूल-मिट्टी न उड़ने के लिए प्रबंध किए गए हैं। औद्योगिक इकाईयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी वायु प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। - डॉ. सुनील कुमार श्योराण, क्षेत्रीय अधिकारी, जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भिवानी।