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घटने की बजाए प्रदूषण बढ़कर हुआ 378 एक्यूआई

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15 फोटो औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्ररी से उठता धुआं। - फोटो : Bhiwani
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दिवाली पर बढ़ा प्रदूषण कम होने की जगह लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। बुधवार को प्रदूषण का स्तर 378 एक्यूआई दर्ज किया गया। प्रदूषण के पार्टिकल पीएम 2.5 और पीएम 10 में भी बढ़ोतरी हुई है। आसमान में लगातार तीसरे दिन स्मॉग देखी गई। प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों में एलर्जी, खांसी की समस्या बढ़ रही है।
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पिछले पांच दिन से प्रदूषण का स्तर कई गुणा बढ़ गया है। औसत 100 एक्यूआई तक ही प्रदूषण को सामान्य माना जाता है मगर यह अब बढ़कर 378 एक्यूआई तक पहुंच चुका है। जो ज्यादा खराब है और यह बेहतर खतरनाक के आंकड़े के करीब पहुंच चुका है।
दिवाली की अगली सुबह प्रदूषण का स्तर 349 एक्यूआई दर्ज किया गया था। अगले दिन मामूली कमी हुई और यह 347 एक्यूआई दर्ज हुआ। बुधवार को भी कमी आने की उम्मीद थी मगर यह कम होने की बजाए बढ़ गया। अगर पहले की बात की जाए तो 19 अक्तूबर को प्रदूषण का स्तर महज 75 एक्यूआई था। 19 के बाद से यह लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
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पीएम 2.5 और पीएम 10 में फिर हुई बढ़ोतरी : प्रदूषण में पार्टिकल पीएम 2.5 और पीएम 10 का अहम रोल होता है। दिवाली के अगले दिन पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों ही 500-500 दर्ज किए गए थे। मंगलवार को इनमें कुछ कमी हुई और पीएम 2.5 की मात्रा 436 और पीएम 10 की मात्रा अधिकतम 317 दर्ज की गई। मगर बुधवार को ये फिर से बढ़ गए है। बुधवार को पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 451 और पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 422 तक पहुंच गई।
बच्चों के लिए घातक हो रहा प्रदूषण, बच्चों में बढ़ी सांस की बीमारी : बदलता मौसम और पर्यावरण प्रदूषण ने बच्चों की सेहत बिगाड़ दी है। ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे 70 फीसदी से अधिक बच्चे जांच की बीमारी से परेशान है। उन्हें एलर्जी के कारण सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इसके अलावा खांसी-जुकाम के केस भी काफी बढ़ गए हैं। ओपीडी भी 10 फीसदी से ज्यादा तक बढ़ गई है। औसतन 160-170 बच्चे इलाज के लिए ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जिनमें से 70 फीसदी बच्चे सांस लेने में तकलीफ की समस्या से जूझ रहे हैं।
बच्चों के लिए ये रखें सावधानी
- छोटे बच्चों को घरों से बाहर न निकलने दें
- किसी बड़े को जुकाम होता है तो बच्चों से थोड़ा दूर रहे। बच्चों में निमोनिया का खतरा रहता है।
- बच्चे को सांस लेने में तकलीफ है तो किसी अच्छे चिकित्सक से संपर्क करें
- खुले में दुपहिया वाहन पर सफर करते समय मास्क का प्रयोग करें
- चश्मे का प्रयोग करें
दिनभर यूं घटता-बढ़ता रहा प्रदूषण का स्तर
समय प्रदूषण (एक्यूआई)
सुबह चार बजे 378
सुबह पांच बजे 375
सुबह आठ बजे 368
सुबह नौ बज 365
सुबह11 बजे 375
दोपहर 01 बजे 366
शाम 04 बजे 360
प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। हम उम्मीद करते हैं कि अगले एक-दो दिन में मौसम सामान्य होगा। लोग भी सावधानी बरते। कचरा और फसली अवशेष न जलाएं।
- हरिश कुमार, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
बच्चों में सांस की बीमारी बढ़ रही है। ओपीडी में बच्चों की संख्या में भी 10 फीसदी तक इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद प्रदूषण बढ़ा है। इसका बड़ा करण धूल-मिट्टी है।
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- डॉ. राज महता, बाल रोग विशेषज्ञ, सामान्य अस्पताल
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