लोहारू क्षेत्र के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। वर्ष 2020 में खराब हुई कपास की फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लोहारू क्षेत्र के बहल, लोहारू व सिवानी क्षेत्र के गांवों के किसानों के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति मिली है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि यह राशि किसानों को जनवरी माह में ही मिल जाएगी।
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। भाजपा शासन में लागू हुई इस योजना का सत्ता विरोधी लोगों ने खूब विरोध किया था। पर, अब यही बीमा योजना किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर सामने आ रहा है। वर्ष 2020 में लोहारू क्षेत्र में कपास की फसल बर्बाद हो गई थी। जिसके लिए बीमा कंपनियों ने अकेले लोहारू क्षेत्र के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी है। इसके तहत लोहारू खंड के 47 गांवों के किसानों को 34 करोड़ 20 लाख 51 हजार 983 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, खंड बहल के अंतर्गत आने वाले 31 गांवों के किसानों को 35 करोड़ 58 लाख 61 हजार रुपये से अधिक की धनराशि दी जाएगी। इसी तरह से सिवानी खंड के अंतर्गत आने वाले 31 गांवों के किसानों को बीमा योजना के तहत 29 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि दी जाएगी।
गरवा में सबसे ज्यादा, लोहारू के ढाणी अहमद में सबसे कम
लोहारू क्षेत्र के लिए मिले करीब सौ करोड़ रुपये में सिवानी के गरवा गांव के किसानों को सबसे ज्यादा 2,90,08,657 रुपये मिलेंगे। दूसरे नंबर पर मोरका के किसानों को 2,71,48,842 रुपये व बिधवान के किसानों को 2,56,08,661 रुपये दिए जाएंगे। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि बहल क्षेत्र में सबसे ज्यादा मंढोली कलां गांव के किसानों को 2,80,52,715 रुपये, गोकलपुरा गांव में 2,61,50,573 व सुरपुरा खुर्द में 2,61,27,495 रुपये वितरित किए जाएंगे। इसी तरह से लोहारू क्षेत्र में सबसे ज्यादा सिंघानी में 2,69,89,113 रुपये, पहाड़ी में 2,42,35,216 रुपये व कुड़ल गांव में 2,03,57,160 रुपये वितरित होंगे। बीमा योजना में लोहारू ब्लॉक के गांव ढाणी अहमद में सबसे कम 7,01,840, सिवानी के लीलस में 14,85,576 रुपये व बहल के गारनपुरा गांव में 15,29,793 रुपये दिए जाएंगे।
जनवरी में मिल जाएगी बीमा योजना की राशि
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत स्वीकृत हुई 100 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों तक जनवरी माह में ही मिलने की उम्मीद है। स्वीकृत राशि का वितरण करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।