हुडा पार्क के पास स्थित मंदिर पर कब्जा लेने के लिए पहुंचे तहसीलदार रविंद्र मलिक। संवाद
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भिवानी। हुडा पार्क के पास स्थित हनुमान मंदिर और स्वामी सेवानंद जन कल्याण ट्रस्ट की पूरी संपत्ति को जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। एसडीएम संदीप अग्रवाल की अदालत के आदेश पर शनिवार को तहसीलदार रविंद्र मलिक ने पूरी कार्रवाई की। मंदिर की संपत्ति में हनुमान मंदिर के अलावा सिवानी और जींद में बनाया गया माता का मंदिर और राजस्थान के सरदार शहर में बनाया गया बीएड कॉलेज भी शामिल हैं। अब मामले की सुनवाई और जांच पूरी होने तक सभी मंदिरों और कॉलेज की देखरेख जिला प्रशासन की निगरानी में होगी।
शहर के हुडा पार्क के पास स्वामी सेवानंद जनकल्याण ट्रस्ट का प्राचीन हनुमान जी का एक मंदिर है। इसी ट्रस्ट ने सिवानी और जींद में माता के मंदिर बनाए हैं। इसके अलावा मंदिर के साथ ही एक वृद्धाश्रम बनाया गया है। राजस्थान के सरदार शहर में एक बीएड कॉलेज भी ट्रस्ट की ओर से बनवाया गया है। सिवानी का मंदिर जिस ने बनाया था, वह परिवार भिवानी के मंदिर में आकर रहने लगा था। 2015 में स्वामी सेवानंद लकवाग्रस्त हो गए और 2018 में उनका देहांत हो गया। ट्रस्ट के प्रधान रहे और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बहुत नजदीकी डॉ. केसी काजल ने पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी थी कि स्वामी सेवानंद के निधन के बाद उन्हें पता चला कि सिवानी निवासी परिवार धोखाधड़ी कर स्वयं को मंदिर का उत्तराधिकारी घोषित करने का प्रयास कर रहा है। परिवार की एक लड़की ने साध्वी होने का दावा करते हुए कहा था कि स्वामी सेवानंद ने उसे गोद लिया हुआ है। ट्रस्ट के कॉलेज और अन्य मंदिरों में भी गबन परिवार द्वारा किया गया है। इसी मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार को एसडीएम की अदालत ने फैसला सुनाते हुए तहसीलदार रविंद्र मलिक को रिसीवर तैनात किया गया। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर मंदिर को अपने कब्जे में ले लिया। मामले की जांच और सुनवाई पूरी होते तक अब ट्रस्ट के सभी संस्थानों की देखरेख प्रशासन के पास ही रहेगी।
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एसडीएम कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 145-146 के तहत मंदिर को कब्जे में लेने के आदेश दिए थे। उन्हीं आदेश पर कार्रवाई करते हुए मंदिर को कब्जे में ले लिया गया है। हालात पूरी तरह सामान्य हैं। - रविंद्र मलिक, तहसीलदार, भिवानी
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हुडा पार्क के पास स्थित मंदिर और ट्रस्ट की सारी संपत्ति प्रशासन द्वारा कब्जे में लिए जाने की सूचना मिली है। मगर अभी तक मैंने रिसीवर की स्टेटमेंट नहीं देखी है। स्टेटमेंट देखने के बाद ही इस बारे में पूरी तरह से कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. केसी काजल, प्रधान, स्वामी सेवानंद जनकल्याण ट्रस्ट