अगर आज यात्रा पर निकल रहे हों, अस्पताल जा रहे हों या फिर बैंक-पोस्ट आफिस सहित किसी अन्य सरकारी दफ्तर तो ठहर जाइए। दरअसल, ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आज सभी विभागों के कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
पूरी तरह कमर कस चुके कर्मचारियों का दावा है कि वह न तो रोडवेज के चक्के हिलने देंगे और न ही दफ्तरों गेट खुलने देंगे। बिजली-पानी की आपूर्ति भी ठप करा दी जाएगी।
हालांकि मूलभूत सुविधाओं को हड़ताल से बेअसर रखने के लिए प्रशासन ने भी पूरी तैयारी कर रखी है। अतिरिक्त कर्मचारियों, फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है।
बिजली विभाग : ठेके के कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा, हेड ऑफिस से आई टीम
हड़ताल के दौरान बिजली को बेअसर रखने के लिए निगम ने अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। ठेके के कर्मचारियों का विशेष दल बनाकर बिजली घरों पर तैनात कर दिया गया है।
इसके अलावा हेड ऑफिस से भी अतिरिक्त कर्मचारियों की टीम जिले में भेजी गई है। हड़ताल के दौरान बिजली घरों पर किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए फोर्स भी तैनात रहेगी।
प्रत्येक सब स्टेशन, सब डिविजन और जिले स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित कर जिम्मेदारियां दी गई है। इसके अलावा निगम अफसरों की 14 सदस्यीय टीम भी गठित की गई है।
इसमें एसई, एक्सईएन और एसडीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। हड़ताल की अवधि में यह पूरे दिन क्षेत्र का भ्रमण करते हुए सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित कराएंगे। निगम हड़ताल से अलग रहने वाले कर्मचारियों के एक गुट का भी पूरा समर्थन लेगा।
निगम के एक्सईएन संजय रंगा का कहना है कि हड़ताल के दौरान आमजन को परेशानियों से दूर रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। पब्लिक से भी सहयोग की अपेक्षा है। कर्मचारियों की हड़ताल है तो वह भी थोड़ा सब्र रखें।
रोडवेज : हड़ताल से अलग एक गुट संभालेगा कमान
कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर रोडवेज विभाग में ,दो गुट हो गए हैं। एक संगठन जहां हड़ताल को पूरी तरह सफल बनाने के लिए बसों के चक्के जाम रखने का ऐलान कर रहा है, वहीं दूसरे गुट का दावा है कि सामान्य दिनों की तरह ही काम-काज करेगा।
वह बस चलाएंगे। पूरी कोशिश करेंगे कि आमजन को कोई परेशानी न हो। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य उप प्रधान अजय शर्मा का कहना है कि नेतृत्व के फैसले के बाद यूनियन ने हड़ताल से दूरी बना ली है।
यूनियन से जुड़े सभी सदस्य बुधवार को ड्यूटी पर रहेंगे। वर्कशॉप में अधिकांश कर्मचारी काम करेंगे। डिपो के भी 25 फीसदी से अधिक कर्मचारी बसों की कमान संभालकर पब्लिक को परेशानियों से दूर रखने की पूरी कोशिश करेंगे।
उधर, दूसरे गुट के डिपो प्रधान राजकुमार दलाल ने कहा कि कर्मचारी हड़ताल के प्रति एकजुट हैं। कोई भी बस नहीं चलेगी। जबकि महाप्रबंधक उदयवीर सिंह दूहन का कहना है कि एक गुट हड़ताल से अलग रहेगा। उनके सहयोग से हमारी पूरी कोशिश सभी रूटों पर अधिकाधिक बसों के संचालन का है।
पेयजल : अतिरिक्त स्टाफ बहाल रखेगा जलापूर्ति
हड़ताल के दौरान आम जनों को पेयजल किल्लत न हो इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग भी ठेके के कर्मचारियों के सहारे है।
विभाग के अधिकांश कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के बाद पूरी व्यवस्था ठेके के कर्मचारी ही संभालेंगे। इसके लिए ठेकेदारों को एक दिन पहले से ही अतिरिक्त स्टाफ तैयार रखने की हिदायतें दी जा चुकी है।
जलघरों पर फोर्स की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिससे जलापूर्ति को बाधित रखने की कोशिश नाकाम की जा सके। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी के मुताबिक हड़ताल के मद्देनजर पहले से ही अतिरिक्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगा दी गई है।
हड़ताल करने वालों का कटेगा वेतन
सरकार के खिलाफ हड़ताल में शामिल होने से मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने फरमान जारी कर दिया है। विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि कोई भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होगा। हिदायतों के बावजूद कर्मचारी हड़ताल में हिस्सा लेंगे तो उनका वेतन काट लिया जाएगा।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ही नहीं आम जन में भी आक्रोश है। कर्मचारी ही नहीं, आम पब्लिक भी हड़ताल में सहयोग दे रही हैं। बिजली, पानी, परिवहन, बैंक, डाकघर सहित सभी सेवाएं पूरी तरह ठप रहेगी। -संदीप सांगवान, प्रवक्ता, सर्व कर्मचारी संघ।