भिवानी। सीईटी के पहला दिन शहर में 56 परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में करीब 94 फीसदी परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। पहली पारी में 14777 में से 13945 और दूसरी पारी में 13947 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे।
परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की जांच और बायोमीट्रिक के लिए लंबी कतारें लगी। दूसरी शिफ्ट के विद्यार्थियों को बारिश के बीच जाम में घंटों तक फंसे रहने की तकलीफ झेली, वहीं कई परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाने के लिए अधिकारियों को भी दौड़ धूप करनी पड़ी।
जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में शनिवार को सीईटी शांतिपूर्ण संपन्न हुई। लेकिन पहली पारी के बाद आई तेज बारिश ने शहर में पानी निकासी की व्यवस्था को फिर से डूबो दिया।
शहर के वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र के बाहर ढाई फीट बारिश का पानी जमा हो गया। जिसकी वजह से सड़क पर वाहनों का लंबा जाम लगा। पुलिस कर्मचारियों को भी बारिश के पानी के बीच खड़े होकर ही परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थियों के रोल नंबर जांच के बाद प्रवेश देना पडा। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और शहर पांच घंटे तक जाम की गिरफ्त में रहा। इससे दूसरी पारी में शामिल होने पहुंचे परीक्षार्थियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
कई परीक्षार्थी अपने वाहनों को दूर छोड़कर दौड़ते हुए केंद्रों की ओर भागते नजर आए। इस दौरान आदर्श महिला महाविद्यालय के पास एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। शहरवासियों ने बाहर से आए परीक्षार्थियों व पुलिस कर्मचारियों के लिए नाश्ते और नींबू पानी की व्यवस्था की।
वहीं पहली शिफ्ट के दौरान परीक्षा देने पहुंची 5 युवतियों को गलत ओएमआर थमा दी गई। पंडित सीताराम शास्त्री गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने पहुंची गावड़ निवासी पिंकी, चुली बागड़ियान निवासी खुशबू, हिसार निवासी राजबाला, धर्मखेड़ी निवासी पूनम सहित ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन गलत ओएमआर शीट दी गई।
चार से पांच घंटे तक जाम में फंसे रहे वाहन
सीईटी की पहली पारी खत्म होने के बाद बारिश में करीब चार से पांच घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। शहर के मुख्य रास्तों पर जलभराव हुआ। इसी बीच वाहन भी रेंगते हुए आगे बढ़े। हालांकि पुलिस को व्यवस्था बनाने में पसीने छूट गए। हुआ यूं कि पहली पारी के विद्यार्थी वाहनों से वापस लौट रहे थे, जबकि दूसरी पारी के परीक्षार्थियों के वाहन शहर के अंदर प्रवेश करने लगे। जिससे सरकुलर रोड सहित परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि निनान बाईपास, देवीलाल चौक, बापोड़ा चौक, जेल बाईपास चौक व होंडा चौक महम रोड सहित पांच बड़े चौकों पर पुलिस की ओर से नाकाबंदी की गई थी। वहीं शहर के अन्य भीतरी चौकों पर भी सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी तैनात रहे।
युवाओं व पुलिसकर्मियों की सेवा में जुटे लोग
परीक्षा में भाग लेने आए अभ्यर्थियों और सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सेवा के लिए कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने वैश्य स्कूल, राजकीय स्कूल सहित अन्य केंद्रों के बाहर चाय-नाश्ते और नींबू पानी की निशुल्क स्टालें लगाईं।
जलभराव में ही हुई अभ्यर्थियों की जांच
शनिवार दोपहर बाद की बारिश से शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय समेत कई परीक्षा केंद्रों पर गेट के पास पानी जमा हो गया। पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों की चेकिंग जलभराव के बीच ही करनी पड़ी, जिससे अभ्यर्थियों को असुविधा झेलनी पड़ी।