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ग्वार फसल पर हरा तेला और फुलसा रोग का प्रकोप शुरू : डॉ. आरके सैनी

Sun, 27 Jul 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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गांव मिठ्ठी में किसानों को ग्वार फसल को लेकर जागरुक करते डॉ. आरके सैनी।
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भिवानी। जिले में हो रही लगातार बारिश के चलते वातावरण में बनी अधिक नमी ग्वार की फसल के लिए हानिकारक साबित हो रही है। इसी के चलते कई गांवों में ग्वार की फसल पर हरा तेला और फुलसा (झुलसा) रोग का प्रकोप देखा गया है। यह जानकारी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कीट विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ. आरके सैनी ने दी।
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वे कृषि एवं किसान कल्याण विभाग तथा हिंदुस्तान गम एंड कैमिकल्स भिवानी के संयुक्त तत्वावधान में सिवानी खंड के गांव मिठ्ठी में आयोजित कृषि जागरूकता शिविर में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इन रोगों से समय रहते उपचार कर छुटकारा पाया जा सकता है। डॉ. सैनी ने किसानों को सलाह दी कि प्रति एकड़ 150 लीटर पानी में 250 मिलीलीटर रोगोर (30 प्रतिशत) और 3-4 पाउच स्ट्रेप्टोसाइक्लिन मिलाकर छिड़काव करें।
शिविर के दौरान रंगीन चित्रों की सहायता से किसानों को विभिन्न कीटों और बीमारियों की पहचान कराई गई। सेवानिवृत्त कृषि विषय विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार ने नरमा फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों, विशेषकर गुलाबी सुंडी के बारे में जानकारी साझा की। इसके अलावा किसानों के सरसों की फसल से जुड़े प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। हिंदुस्तान गम एंड कैमिकल्स से आए अंकुश शर्मा ने उच्च शक्ति के जल सोखक उत्पाद अकुसम अंकुरायम की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। शिविर में ग्वार फसल पर आधारित साहित्य सामग्री और छिड़काव के लिए आवश्यक दवाएं भी किसानों को वितरित की गईं। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लेकर लाभ उठाया।
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