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Bhiwani News: कपास चुगाई के लिए मजदूरों को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉले अनियंत्रित होकर पलटी, 12 लोग घायल

Thu, 11 Sep 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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नागरिक अस्पताल में दा​खिल हादसे में घायल लोग। 
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ढिगावामंडी/भिवानी। जिले के गांव कुडल से श्यामकलां के बीच बुधवार सुबह कपास चुगाई के लिए जा रहे प्रवासी मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मजदूर और उनके परिवार के सदस्य घायल हो गए। सभी 12 घायलों को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल लाया गया, जबकि हादसे की सूचना डायल 112 पर पुलिस को दी गई।
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जिला नागरिक अस्पताल की माइनर ओटी में घायलों को पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी। महिलाओं और बच्चों को मरहम-पट्टी के बाद एक स्ट्रेचर पर बैठा दिया गया, जबकि अन्य घायलों को स्ट्रेचर पर ही उपचार दिया गया। गांव कुडल से श्यामकलां जाने वाली टैक्टर-ट्राॅली में बुधवार सुबह करीब 35 मजदूर सवार थे। ये सभी कुडल के अनिल ठेकेदार के बुलावे पर श्यामकलां निवासी सूरजभान किसान के खेत में कपास चुगाई के लिए जा रहे थे।
घायल मजदूरों ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। चालक को टोका गया, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया। कुडल और श्यामकलां के बीच अचानक ट्रैक्टर पलट गया, जिससे महिलाएं, बच्चे और मजदूर नीचे दब गए। उन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
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इस बारे में मामले के जांच अधिकारी जूईकलां पुलिस थाना के उदय सिंह रोहिल्ला ने बताया कि डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुडलबास और श्यामकलां रोड पर मजदूरों से भरी ट्रैक्टर- ट्राॅली पलट गई। मौके पर पहुंचकर एम्बुलेंस के माध्यम से घायलों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जूई भेजा गया। वहां मरहम-पट्टी के बाद जिन्हें ज्यादा चोटें आई उन्हें सामान्य अस्पताल भिवानी भेजा गया। घायलों के बयान दर्ज कर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ये मजदूर हुए घायल
जिला नागरिक अस्पताल के आपात विभाग में घायलों में हिना, हमशरी, कलसूम, मोबिन, कसीफा, सीनम, हसीना, फरमुद्दीन, असद और छोटे बच्चे शामिल हैं।

आपात विभाग की माइनर ओटी में घायलों के लिए कम पड़ गई जगह
जिला नागरिक अस्पताल में एक साथ 10 से 12 घायलों को लाया गया। माइनर ओटी में केवल दो बेड और दो स्ट्रेचर उपलब्ध थे। घायल महिलाओं और बच्चों को मरहम-पट्टी करने के बाद कतार में बैठा दिया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को ही बेड पर लेटाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उनकी हालत में सुधार बताया।
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