भिवानी। हरियाणा में मोल की बहू लाने और किशोरियों से शादी का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। भिवानी जिले में पिछले दस दिनों में नाबालिग लड़कियों की शादी और गर्भवती होने का चौथा मामला सामने आया है। नए मामले में सात माह की गर्भवती की उम्र 17 साल है। उसकी शादी करीब 9 माह पहले कराई गई थी। मामले में विस्मयकारी पहलु यह भी है कि उसकी मां को 17 साल बाद पता चला कि उसकी बेटी जिंदा है। इसके बाद उसने बवानीखेड़ा पुलिस थाने पहुंचकर बाल विवाह और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया। थाने में एक-दूसरे से मिलकर मां-बेटी भावुक हो उठीं।
जिला बाल कल्याण समिति और स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम किशोरियों की शादी और गर्भवती होने के मामलों की जांच में जुटी है। कुछ मामलों को मानव तस्करी से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें बिहार और अन्य प्रांतों से किशोरियों को खरीदकर शादी कराई गई है।
ऐसे मां से अलग हुई थी बेटी
शादी के बाद गर्भवती हुई नाबालिग को लेकर गांव की आशा वर्कर जांच कराने धनाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची तो उसकी आयु कम होने का पता चला। इसके बाद उसके जन्म के प्रमाण के संबंध में महिला उप निरीक्षक नीलम ने जांच की तो पता चला कि जब लड़की दो माह की थी तभी उसके पिता ने उसे असल मां से छीन लिया था। महिला भी मायके रहने लगी थी। उसे यह बताया गया था कि बेटी मर चुकी है, जबकि सच्चाई यह थी कि उसकी बेटी को किसी निसंतान दंपती को दे दिया गया था, जिन्होंने अब करीब 9 माह पहले उसकी शादी कराई थी। जन्म के प्रमाण के संबंध में जब पुलिस ने महिला से संपर्क किया तो उसे बेटी के जिंदा होने की जानकारी मिली। बवानीखेड़ा पुलिस थाना एसएचओ ओमप्रकाश ने बताया कि थाने में तीन मामले पहले भी दर्ज हैं। सभी में पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
पहला मामला:
बिहार के मधुबनी से 14 साल की किशोरी को डेढ़ लाख में खरीदकर लाया गया और बवानीखेड़ा क्षेत्र के गांव में 30 साल के युवक से शादी कराई गई। किशोरी पांच माह की गर्भवती हुई, जिसके बाद आशा वर्कर उसे जिला नागरिक अस्पताल ले गई। चिकित्सक ने पुलिस को जानकारी दी। आरोपी पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज है।
दूसरा मामला:
बवानीखेड़ा क्षेत्र में धान रोपाई के लिए बिहार से आए मजदूर की 13 साल की बेटी के साथ पहले खेत में बने कमरे में दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी शादी करा दी गई। किशोरी चार माह की गर्भवती हुई। मामला उजागर होने पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज किया।
तीसरा मामला:
रोहतक की रहने वाली 15 साल की लड़की की शादी आठ माह पहले सदर पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव में कराई गई। किशोरी आठ सप्ताह की गर्भवती हुई, जिसे पीएचसी में चेकअप के लिए ले जाया गया। चिकित्सक ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
जिले में लगातार किशोरियों की शादी और गर्भवती होने के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में चार किशोरियों को काउंसिलिंग और बयान दर्ज कराने के लिए लाया गया है। स्टेट क्राइम ब्रांच और बाल कल्याण समिति संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मानव तस्करी और बाल विवाह से जुड़े मामलों में कार्रवाई करा रही है।
- सतेंद्र तंवर, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति, भिवानी।