भिवानी। जिले में 150 खस्ताहाल सरकारी विद्यालयों के सुधार का खाका तैयार किया गया है। इन विद्यालय भवनों की विशेष मरम्मत पर लगभग 22 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट खर्च होने का अनुमान है।
जिले के 98 प्राथमिक और 52 उच्च प्राथमिक (वरिष्ठ माध्यमिक) राजकीय विद्यालयों को विशेष मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है। इनके एस्टीमेट राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तकनीकी टीम द्वारा तैयार किए गए हैं और अब इन्हें बजट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी विद्यालय जर्जर हालत में नहीं रहना चाहिए। इससे पहले खस्ताहाल विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ चुके थे।
बरसाती जलभराव के कारण कई सरकारी विद्यालयों में महीनों तक पानी जमा रहा, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और भवनों को नुकसान भी पहुंचा। इसके अलावा, कई विद्यालय पुराने होने की वजह से जर्जर हालात में हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की तकनीकी टीम ने इन विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की और विशेष मरम्मत के एस्टीमेट तैयार किए। प्रत्येक विद्यालय पर लगभग डेढ़ लाख से 15 लाख रुपये तक का खर्च आने की संभावना है, जो भवनों की रिपेयरिंग में शामिल है। नए विद्यालय भवनों के निर्माण का अलग खाका भी विभाग ने तैयार किया है। संवाद
ये कराए जाएंगे सरकारी स्कूलों में मरम्मत के काम
जिले के करीब डेढ़ सौ चिह्नित राजकीय विद्यालयों में टूटी हुई खिड़कियों, दरवाजों, जर्जरहाल दीवारों और छतों की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अलावा फर्श का निर्माण किया जाएगा। विद्यालय में अन्य रिपेयरिंग के काम भी इसी बजट में शामिल रहेंगे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ने जरूरत के हिसाब से संबंधित विद्यालयों के रिपेयरिंग के एस्टीमेट तैयार किए हैं, जिन्हें स्पेशल रिपेयरिंग में शामिल किया गया है।
प्रदेश के शिक्षामंत्री के आदेश पर जर्जरहाल सरकारी स्कूलों को चिह्नित करने के लिए सर्वेक्षण कर एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। जिले में 98 प्राथमिक और 52 उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की रिपेयरिंग के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट तय किया गया है, जिसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। संबंधित विद्यालयों की तकनीकी टीम द्वारा रिपेयरिंग कार्य की विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है। बजट मंजूरी मिलने के बाद इन कार्यों को जल्द से जल्द प्रारंभ किया जाएगा। - दत्तात्रेय, एसडीई, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भिवानी