भिवानी। सोशल मीडिया का बच्चों के दिलो दिमाग पर गहरा असर देखा जा रहा है। भिवानी से लापता हुए एक बच्चे की दास्ता भी कुछ इसी तरह की है। इसे साढ़े तीन माह बाद औद्योगिक पुलिस थाना के एएसआई सुशील कुमार ने मुंबई से ढूंढ निकाला। मंगलवार को बच्चे की सीडब्ल्यूसी में काउंसिलिंग कराई गई। इसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।
औद्योगिक पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक कॉलोनी निवासी 15 साल का नौवीं कक्षा में पढ़ने वाला लड़का 27 सितंबर को घर से अचानक गायब हो गया। इस बच्चे के परिजनों ने उसकी हर संभव जगह तलाश की और 27 सितंबर को औद्योगिक पुलिस थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने लड़के के लापता होने का केस दर्ज कर उस बच्चे की तलाश शुरू की।
औद्योगिक पुलिस थाना के जांच अधिकारी एएसआई सुशील कुमार ने बताया कि बच्चे को काफी जगह तलाशा मगर शुरुआत में उसकी कोई जानकारी नहीं लगी। लेकिन बच्चे ने एक बार किसी के फोन से मुंबई से जब परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया तो उसकी लोकेशन को ट्रेस किया। इसके बाद बच्चे को मुंबई में भी कई जगहों पर तलाशा। आखिर में बच्चा 14 जनवरी को मुंबई के डोबोवाली स्टेशन पर घूमता हुआ मिला। इसके बाद उसे भिवानी लाया गया।
बाल कल्याण समिति के सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि बच्चे की काउंसिलिंग कराई गई। दौरान बच्चे ने बताया कि उसकी सोशल मीडिया पर मुंबई के एक लड़के से दोस्ती हो गई। दोस्त से मिलने के लिए ही वह अपने घर से ट्रेन में बैठकर मुंबई तक पहुंच गया। साढ़े तीन माह बाद बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों की जान में जान आई। सीडब्ल्यूसी सदस्य सतेंद्र तंवर ने बताया कि बच्चों को सोशल मीडिया से थोड़ा दूर रखें। क्योंकि बच्चों के दिलो दिमाग पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। इसमें बच्चे अभिभावकों से भी दूरी बनाने लगे हैं, जो अच्छे संकेत नहीं हैं।