किसानों ने हैफेड गोदाम और मंडी गेट पर जड़ा ताला
बहल। सरसों की सरकारी खरीद की तारीख बढ़ाने तथा मंडी में किसानों के समक्ष आ रही दिक्कतों को लेकर किसान बिफर गए और अनाज मंडी में स्थित हैफेड गोदाम तथा मंडी गेट को ताला लगा दिया। इसके बाद गेट के सामने धरने पर बैठ गए जिससे हैफेड गोदाम में कामकाज ठप हो गया। तालाबंदी से हैफेड गोदाम में ट्रकों की लंबी लाइन लग गई। इसके बाद में हैफेड अधिकारियों ने 7 मई को काटे गए गेट पास की बीडिंग शुरू करने की बात कही तो किसान मान गए। किसानों ने इससे पहले मार्केट कमेटी के सचिव कार्यालय के समक्ष करीब तीन घंटे तक धरना दिया। किसानों ने सरसों खरीद 15 मई तक की जाने, मंडियों में आई सरसों की बोली लगाकर खरीद करने तथा तौल के बाद उठान करवाकर किसान के खाते में शीघ्र पेमेंट दिए जाने, गेहूं खरीद शुरू करवाने की मांग की।
वीरवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव कार्यालय के समक्ष धरना दिया तथा नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि शेड्यूल के अनुसार 8, 9 तथा 10 मई की बारी के अनुसार जिन किसानों के गेट पास कट चुके हैं, उनकी सरसों की खरीद नहीं की जा रही है। इसके अलावा जिन गांवों के किसानों की 10 मई को सरसों खरीदी जानी थी, उनके गेट पास भी नहीं काटे गए हैं। किसान नेता दयानंद पूनिया ने कहा कि सरकार की नीति सही नहीं है तथा वह खरीद करने की बजाय महज किसानों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।
प्रदेश सचिव डॉ. बलबीर सिंह ठाकन ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद बिना किसी सूचना के दस दिन से बंद कर रखी है। जबकि, किसान मंडी में भूखे, प्यासे खरीद के इंतजार में बैठे है। जिन किसानों ने सरसों 15 दिन पहले बिक्री की थी, उनका आज तक भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों को सरसों एवं गेहूं खरीद का सही आश्वासन नहीं देगी तब तक हैफेड गोदाम के मेन गेट के आगे से नहीं हटेंगे।