भिवानी। पंचकूला में वीरवार को सीएम शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में लोगों को ले जाने के लिए सरकार की ओर से 90 बसों की मांग की गई थी। इनमें से 52 बसें जाने के लिए सुनिश्चित हो चुकी है। 90 बसें पंचकूला जाने के बाद लंबे रूटों सहित ग्रामीण रूटों पर बसों के लिए मारामारी रहेगी। इससे वीरवार को जरूरी कार्य होने पर ही आमजन घरों से बाहर निकले।
दरअसल, पंचकूला में वीरवार को नई सरकार के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में भिवानी जिले से कार्यकर्ताओं को पंचकूला लेकर जाने के लिए सरकार द्वारा 90 बसों की मांग की गई थी। देर शाम तक 52 बसों का पंचकूला जाना पक्का हो चुका था। कार्यकर्ताओं की संख्या के अनुसार ही बसों की ओर भी बढ़ सकती है।
इसके कारण जिले से 225 बसों में से 90 बसें पंचकूला जाने के बाद लगभग सभी रूटों पर बसों के लिए मारामारी रहेगी। लोग जरूरी कार्य होने पर ही वीरवार को रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए निकले। अन्यथा उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
तोशाम से 12 व लोहारू से चलेंगी 5 बसें
शपथ ग्रहण समारोह में जाने के लिए कार्यकर्ताओं की सुविधा के लिए भिवानी डिपो के साथ-साथ तोशाम व लोहारू सब डिपो से भी बसों का संचालन होगा। समारोह में वीरवार को 12 रोडवेज बसें तोशाम सब डिपो से व 5 बसें लोहारू सब डिपो से चलेंगी। पंचकूला जाने वाले कार्यकर्ताओं को अपने नजदीकी डिपो से ही बसों की सुविधा दी जाएगी।
इन रूट पर बनेगी यात्रियों के लिए समस्या
जिले से 90 बसे जाने के बाद दैनिक यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ेगा। जिससे हिसार, जींद, रोहतक, तोशाम, हांसी, बहल, लोहारू, दादरी समेत सभी ग्रामीण रूट बलियाली, कुंगड़, अलखपुरा, गिगनाउ, बीरण सहित रूटों पर समस्या बनेगी। सबसे ज्यादा परेशानी जींद रूट पर यात्रियों को करनी पड़ेगी। क्योंकि इस रूट पर रोडवेज बसों के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
जरूरी कार्य होने पर ही शहर के लिए निकले आमजन
वीरवार को जरूरी कार्य होने पर ही आमजन शहर में जाने के लिए निकले। क्योंकि 90 बसें पंचकूला जाने के बाद सभी रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सभी रूटों पर सुचारू रूप से बसों का संचालन नहीं होगा। हालांकि रोडवेज प्रशासन का दावा है कि किसी भी रूट पर यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
सरकार की ओर से शपथ ग्रहण समारोह के लिए 90 बसों की मांग की गई है। इनमें से 52 बसों का जाना तय हो चुका है। कार्यकर्ताओं की संख्या के अनुरूप बसों की संख्या बढ़ भी सकती है। 90 बसें जाने के बाद अन्य बसों से सभी रूटों बसों का सुचारू रूप से किया जाएगा। किसी भी रूट पर यात्रियों को समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी डिपो।