भिवानी। पंचायत भवन में राज्य योजना (एसबी-89) वर्ष 2025-26 के तहत ट्रैक्टरों का ऑनलाइन ड्रॉ निकालकर 84 किसानों को ट्रैक्टर आवंटित किए गए। जिला परिषद के सीईओ अजय चोपड़ा की अध्यक्षता में आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया आवेदक किसानों की मौजूदगी में पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
सीईओ अजय चोपड़ा ने चयनित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की यह पहल किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक सिद्ध होगी। ट्रैक्टर खेती कार्य में अत्यंत उपयोगी है और इससे किसानों को समय की बचत के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने अनुसूचित जाति श्रेणी के किसानों से आह्वान किया कि वे सरकारी योजना के तहत ड्रॉ प्रक्रिया से प्राप्त ट्रैक्टर का उपयोग फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कर अपनी आय बढ़ाएं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद फोगाट और सहायक कृषि अभियंता नसीब सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत कुल 1209 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए जबकि विभाग को 84 ट्रैक्टरों का लक्ष्य मिला था। ड्रॉ के माध्यम से 84 किसानों का चयन किया गया है तथा 84 किसानों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।
चयनित किसानों के दस्तावेजों का सत्यापन 24 फरवरी तक किया जाएगा। इसके बाद तीन मार्च को स्वीकृति पत्र जारी किए जाएंगे। किसानों को आठ मार्च तक ट्रैक्टर खरीदकर 10 मार्च तक विभाग के पोर्टल एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर बिल अपलोड करना होगा। 11 मार्च को डीलर द्वारा ट्रैक्टर को अप्रूव किया जाएगा और 16 मार्च को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान इंजीनियर तरुण कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. ममता फोगाट, डॉ. मीनू, एसडीओ संजय मक्कड़, एलडीएम बिभूति पांडे और प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।
सत्यापन के लिए प्रस्तुत करने होंगे जरूरी दस्तावेज
विभाग के अनुसार जिन किसानों का ड्रॉ में ट्रैक्टर निकला है, वे अपना आवेदन फार्म, पीपीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता संख्या की फोटो प्रति, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल का पंजीकरण पत्र, किसान आईडी, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र तथा शपथ पत्र की फोटो प्रति व मूल प्रति साथ लेकर अनाज मंडी स्थित सहायक कृषि अभियंता के कृषि एवं किसान कल्याण कार्यालय में उपस्थित हों।
इस प्रकार मिलेगा ट्रैक्टर पर अनुदान
सरकारी योजना के अनुसार किसान को 45 एचपी या उससे अधिक क्षमता का ट्रैक्टर खरीदना होगा। ट्रैक्टर खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम तीन लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यानी छह लाख रुपये तक की लागत वाले ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यदि ट्रैक्टर की कीमत छह लाख रुपये से अधिक है, तो भी अधिकतम तीन लाख रुपये तक ही अनुदान प्रदान किया जाएगा।