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134-ए : दाखिले से वंचित रहे 907 बच्चे, अभिभावक बिफरे
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
नियम 134-ए के तहत प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक पाने के बावजूद 1942 में से 907 बच्चे एडमिशन से वंचित रह गए। स्कूल अलॉटमेंट लिस्ट में इन 907 बच्चों का नाम गायब होने के बाद अभिभावक बिफर गए। मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बीईओ दफ्तर में हंगामा किया और भूख हड़ताल की धमकी दी। अभिभावकों के तीखे तेवर के बाद बीईओ दफ्तर का गेट बंद किया तो अभिभावक दीवार फांद कर कार्यालय में घुस आए। आखिरकार सोमवार को इस मसले पर बैठक में मशविरा का आश्वासन देकर अभिभावकों को शांत किया।
शनिवार सुबह बीटीएम चौक स्थित बीईओ दफ्तर में नियम 134-ए की प्रवेश परीक्षा पास करने वाले बच्चों को स्कूल अलॉट किए। अलॉटमेंट लिस्ट में अपने बच्चों के नाम देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक कार्यालय पहुंचे। बता दें कि प्रवेश परीक्षा में 1942 बच्चों ने 55 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर दाखिले की अर्हता हासिल की थी। लेकिन, अलॉटमेंट लिस्ट में केवल 1035 बच्चों के नाम मिले, बाकी 907 बच्चों के नाम गायब थे। वहीं 91 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे को स्कूल अलॉट नहीं किया गया।
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अपने बच्चों का लिस्ट में नाम जारी न होने के कारण अभिभावकों में रोष देखने को मिला। अभिभावक बीईओ ऑफिस में अधिकारियों से नाम न आने का कारण पूछने के लिए पहुंचने लगे। अधिकारियों ने जानकारी देने की कोशिश की तो अभिभावकों ने अधिकारियों की एक न सुनी। इसके बाद अधिकारियों ने ऑफिस बंद कर वापस जाना ही सही समझा और सभी को सोमवार को आने के लिए कहा। वहीं ऑफिस बंद होने के कारण अभिभावक एक दूसरे से कारणों की जानकारी लेते रहे।
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दाखिले की अंतिम तारीख 25 अप्रैल
नियम के अनुसार बच्चों को 55 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने की संख्या 1942 रही, लेकिन 1035 बच्चों को ही स्कूल मिल पाए। जबकि 907 बच्चों को वापस लौटना पड़ा। नियम में 144 स्कूलों के द्वारा 2430 सीटें रिक्त दिखाई थीं, लेकिन इनमें से केवल 1035 बच्चों को दाखिला मिल पाया है। इन बच्चों को 25 अप्रैल तक जारी लिस्ट के अनुसार स्कूल में दाखिल लेना होगा।
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इस तरह से घटी बच्चों की संख्या
नियम के अनुसार दाखिला लेने के लिए कुल 4422 बच्चों ने आवेदन जमा किए, लेकिन 4258 बच्चों ने ही पेपर दिया। इसके बाद परिणाम घोषित होने पर 1942 बच्चों के 55 प्रतिशत से अधिक अंक आए और पास हो पाए। स्कूल की लिस्ट जारी होने पर केवल 1035 बच्चों को ही मनपसंद स्कूल मिल पाया। वहीं 907 बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाया।
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सोमवार को बीईओ ऑफिस में शिकायत कर सकते हैं अभिभावक
हंगामा कर रहे अभिभावकों को नोडल अधिकारी अशोक गाबा ने यह कहते हुए शांत किया कि सोमवार को इस मसले पर बैठक होगी और बैठक में अभिभावक अपनी बात रख सकेंगे। जिन बच्चों के अंक अधिक आने के बाद भी स्कूल लिस्ट में नाम नहीं आया वह बच्चे तीन बजे के बाद बीईओ ऑफिस में अधिकारियों के साथ बातचीत कर समस्या का हल निकाल सकते हैं।
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बच्चों की चॉइस और प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंक के आधार पर स्कूल अलॉट किए गए हैं। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है, विभाग ने पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया है। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने चुनिंदा नामी स्कूलों के ऑप्शन भर दिए। इन स्कूलों में सीटों की संख्या से कई गुणा ज्यादा ऑप्शन भरने के कारण कई बच्चों के नाम लिस्ट में नहीं आ पाए।
अशोक गाबा, नोडल अधिकारी, नियम 134-ए
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