बाल मजदूरी व बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त होगा भिवानी : डा. सांगवान
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
भिवानी को बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल भिक्षावृति से मुक्त करवाया जाएगा। इसके लिए जिला बाल कल्याण समिति द्वारा रोड मैप तैयार किया जा रहा है। यह बात जिला बाल कल्याण समिति भिवानी के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राज सिंह सांगवान ने शुक्रवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपने बच्चे की परवरिश नहीं कर पाता है तो वह उसे लावारिस छोड़ने की बजाय बाल कल्याण परिषद के पास छोड़े। उस बच्चे का लालन-पालन बाल कल्याण परिषद करेगी। बच्चा छोड़ने वाले की सभी प्रकार की जानकारी गुप्त रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बच्चे को अच्छे-बुरे का बोध नहीं होता, जबकि माता-पिता को चाहिए वे उम्र बढ़ने के साथ बच्चे को सभी तरह की जानकारी दे ताकि वे उनके साथ बुरा होने से बचा सकें। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बच्चों के साथ स्कूल व आस पड़ोस में भी ऐसी घटनाएं होती हैं, जिसको बच्चे किसी न किसी डर या शर्म के चलते घर पर नहीं बता पाते। यदि हम बच्चों को अच्छे-बुरे का बोध करते हैं तो बच्चे ऐसी घटनाओं से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं में शिकायत/ सुझाव बॉक्स लगाने का प्रावधान है, लेकिन ये बॉक्स या तो प्राचार्य कक्ष के पास होते हैं, जहां पर बच्चे सुझाव या घटना की जानकारी स्टाफ के डर से नहीं डालते या फिर स्कूलों में ये सुझाव पेटियां होती ही नहीं हैं।
डॉ. सांगवान ने शहर की सामाजिक संस्थाओं व नगर पार्षदों से अपील करते हुए कहा कि ऐसी सुझाव पेटियां शहर के प्रत्येक वार्ड में होनी चाहिए ताकि उस क्षेत्र के बच्चे उनके साथ होनी वाली वारदातों के बारे में उस पेटी में जानकारी डाल सकें। उन्होंने कहा कि कोई भी शहर का आमजन नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले शोषण व अपराध की जानकारी उनके स्वयं के मोबाइल नंबर 9466079888 पर दे सकता है। तोशाम में एक नाबालिग बच्चे द्वारा आध्यात्म दीक्षा के लेने के मामले में डॉ. सांगवान ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में जिला बाल कल्याण अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है।