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लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने के बाद कर्मचारी नेताओं से पूछ दिखा दी गिरफ्तारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। विभिन्न कर्मचारी संगठनों का जेल भरो आंदोलन भिवानी में महज प्रदर्शन बनकर रह गया। जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी देने लघु सचिवालय पहुंचे कर्मचारियों को कागजों में गिरफ्तार दिखा, वहीं से घर भेज दिया गया। पुलिस ने महज खानापूर्ति करते हुए गिरफ्तारी के लिए मंगवाई बसों को भी लघु सचिवालय से लौटा दिया गया। कागजों में पुलिस ने कर्मचारी नेताओं से पूछ 2470 कर्मचारियों की गिरफ्तारी दिखाई जबकि संख्या बमुश्किल 500 के करीब थी।
वीरवार को सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकत्र होकर जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन की अध्यक्षता जिला प्रधान यादविरेंद्र शर्मा व संचालन सुखदर्शन सरोहा ने किया। कर्मचारी आंदोलन के लिए लंबे समय से रणनीति बनाई गई। लेकिन अंत समय पर कर्मचारियों की गिरफ्तारियों की बात केवल खानापूर्ति बनकर ही रह गया।
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पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत कर्मचारी सुबह नेहरू पार्क में इकट्ठे हुए और लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेहरू पार्क से हांसी गेट, पुराना बस स्टैंड होते हुए जुलूस के रूप में लघु सचिवालय पहुंचे। यहां गेट पर पहले से ही भारी पुलिस तैनात था। यहां कर्मचारियों ने जबरन अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई। प्रशासन द्वारा गिरफ्तारियां दिखानरे के बाद तहसीलदार ने वहीं पर निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। गिरफ्तारी करवाने व जेल भरो आंदोलन की बात करने वाले कर्मचारी भी गिरफ्तारी के समय पर अपना छाता लेकर चुपचाप वापस घरों की ओर लौट गए। वहीं पुलिस ने भी खानापूर्ति कर कागजों में कर्मचारियों की गिरफ्तारियां दिखाई लेकिन एक भी कर्मचारी को गिरफ्तार नहीं किया गया। वहीं पुलिस द्वारा किए गए इंतजाम व रोडवेज की बसों को भी लघु सचिवालय से बस स्टैंड के लिए वापस भेज दिया गया।
दस मिनट तक हुई पुलिस से धक्का-मुक्की
सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों के जेल भरो आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने जबरन लघु सचिवालय में जाने का प्रयास किया तो गेट पर तैनात पुलिस जवानों ने उन्हें रोका। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोक-झोंक हुई। करीब 10-15 मिनट हंगामे के बाद कर्मचारी गिरफ्तारी को तैयार हुए। यहां पुलिस ने कर्मचारी नेताओं से बातचीत कर कागजों में ही गिरफ्तारी दिखा निजी मुचलके पर रिहा दिखा दिया। कर्मचारी भी गिरफ्तारी दिए बिना वहां से चले गए।
गिरफ्तारी के लिए की तैयारियां नहीं आई किसी काम
प्रशासन के द्वारा कर्मचारियों को गिरफ्तार करने की तैयारियां धरी रह गई। प्रशासन की तरफ से भारी पुलिस बल गेट तर तैनात किया गया। दस मिनट के लिए पुलिस बल काम आया, सभी तैयारियां किसी भी काम नहीं आ सकी।
रोडवेज की आठ बसें भी लघु सचिवालय के बाहर से ही वापस लौटी
कर्मचारियों के जेल भरो आंदोलन के लिए प्रशासन ने आठ सरकारी बसों को बुलवाया लेकिन सभी रोडवेज बसों को वहीं से ही वापस लौटा दिया गया।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें
सरकार की वादाखिलाफी, अध्यादेश के जरिये हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना आदि मांगे हैं।
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ये कर्मचारी रहे उपस्थित
सर्व कर्मचारी संघ के राज्य ऑडिटर सुखदेव सिंह, राज्य निर्वाचित सदस्य जगरोशन , वजीर सिंह, सीटू नेता ओम प्रकाश, जिला वरिष्ठ उप प्रधान नरेंद्र दिनोद, कोषाध्यक्ष धर्मबीर सिंह भाटी, ब्लॉक भिवानी प्रधान महेंद्र सिंह बड़ाला, सचिव बलवान दहिया, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र दिनोद, लोहारू ब्लॉक प्रधान विजय जांगड़ा, बहल ब्लॉक प्रधान नरेश सांगवान, सिवानी ब्लॉक प्रधान सज्जन, राजेश, तोशाम ब्लॉक प्रधान विनोद माजरा, सचिव महाबीर शर्मा, बवानीखेड़ा ब्लॉक प्रधानचंद्र भान सरोहा, राजबीर, कैरू सचिव राजेश सभ्रवाल उपस्थित रहे।
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