हरियाणा हरि की भूमि, यहां होता है संतों का सम्मान : श्रम मंत्री
भिवानी। श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा हरि की भूमि है, यहां साधु समाज और संतों का प्राचीन काल से आदर सम्मान किया जाता रहा है। राज्य सरकार अपनी प्राचीन धार्मिक संस्कृति की रक्षा व उसका गौरव बढ़ाने के लिए निरंतर काम कर रही है। राज्य में पहली बार समाज के महान संतों व धार्मिक महापुरुषों की याद में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
श्रम मंत्री मंगलवार को सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम में चल रहे श्री गायत्री पुनश्चरण एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
मंत्री ने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह के प्रति श्रद्धा भावना को केन्द्र में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अंबाला और सिरसा से दो रेल गाड़ियां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नि:शुल्क पटना साहिब रवाना की। उन्होंने जलियावाला बाग की घटना का बदला लेने वाले शहीद ऊधम सिंह को उनकी जयंती के अवसर पर याद किया और कहा, ऐसे वीरों के जीवन से युवा पीढ़ी को सदैव देशभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी।
समारोह में शिवनारायण शास्त्री, टीसी गोयल, रामेश्वर दत्त शास्त्री, सुरेन्द्र कुमार पंत, देवी सुशीला, डॉ. मुरलीधर शास्त्री, 68 बार रक्त दान कर चुके राजेश डुडेजा, डॉ. शिवकांत शर्मा, आकाश मस्ता, इशिका, देवराज तोशामिया, रविन्द्र लाखोटिया, संजय कामरा आदि को सम्मानित किया गया। श्रम मंत्री ने आश्रम में सभागार का निर्माण करवाने के लिए 11 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में काशी सुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेन्द्रश्रानंद सरस्वती, महंत डॉ. अशोक गिरी, पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन ऋषिप्रकाश शर्मा, नगर परिषद चेयरमैन रणसिंह यादव, भाजपा प्रदेश सचिव मुकेश गौड़, धीरज सैनी, वाइस चेयरमैन मामन चंद, रामऔवतार शर्मा, सोनू सैनी, बिल्लू बादशाह, स्वामी मोहन भारती आदि मौजूद रहे।