भिवानी। शरद अवकाश के दौरान कुछ स्कूलों को विशेष अनुमति देकर खोलने पर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। स्कूल संचालकों ने एकमत से निर्णय लिया गया कि जिले में कुछ स्कूलों को विशेष अनुमति प्रदान करके विद्यालय चलाने की अनुमति प्रदान की गई है। या तो उन विद्यालयों को भी बंद कराया जाए या सभी स्कूलों को समान रूप से चलाने की अनुमति प्रदान की जाए।
गत 25 दिसंबर से 8 जनवरी तक सरकार ने शीतकालीन अवकाश की घोषणा की है। एसोसिएशन के सदस्यों का विरोध इस बात को लेकर है कि इस दौरान केवल वे विद्यालय जो प्रशासक के अधीन थे, ही खुले हुए हैं। जबकि अन्य स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। एसोसिएशन के जिला प्रधान आकाश रहेजा ने कहा कि उन्होंने सभी सदस्यों से विचार विमर्श करके सदस्य स्कूलों को निर्देश जारी किया था कि फैसले का सम्मान करते हुए सभी स्कूल बंद रखे जाएं। शिक्षा विभाग के निदेशक ने पत्र जारी कर यह कहा था कि इस दौरान जिस स्कूल में कक्षाएं लगी पाई गई, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने सरकार को एक दिन का अल्टीमेटम दिया और कहा कि यदि बुधवार को कोई भी स्कूल खुला पाया गया तो एसोसिशन के सभी सदस्य 28 दिसंबर से निरंतर कक्षाएं लगानी शुरू कर देंगे। इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव कर्ण मिर्ग, उपाध्यक्ष अमित डागर, पवन गोयल, अनीता शर्मा, अलका माथुर, सत्येंद्र, कमला गुरेजा, अश्वनी, आरती डागर, दीपक शर्मा आदि मौजूद थे।