पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज का भवन।
भिवानी। शहर के नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट के स्वीकृत 16 पदों में से 7 खाली पड़े हैं। इस वजह से दवा वितरण केंद्रों पर मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि प्रशिक्षु ही मरीजों को दवा दे रहे हैं जिससे पर्ची पढ़ने और दवा निकालने में अतिरिक्त समय लग रहा है।
शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित ओपीडी भवन में बिना औपचारिक उद्घाटन के ही चिकित्सकीय सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। यहां नागरिक अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन औसतन एक हजार मरीजों को सेवा दे रही है। नए भवन के ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण केंद्र, खून की जांच, सामान्य रोग विशेषज्ञ और दो दवा वितरण केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से एक केंद्र पर बाल व स्त्री रोग विशेषज्ञ की दवाएं दी जा रही हैं जबकि दूसरे पर सामान्य, मानसिक, त्वचा, ईएनटी, हड्डी और नेत्र रोग के मरीजों को दवाएं वितरित की जाती हैं।
मरीजों की संख्या अधिक होने और फार्मासिस्टों की कमी के चलते सुबह से ही दवा केंद्रों पर लंबी लाइनें लग जाती हैं। फिलहाल पहले और दूसरे तल पर औषधालय की व्यवस्था तो की गई है लेकिन वे अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में सभी मरीजों को एक ही केंद्र से दवा लेनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट के 16 पद स्वीकृत हैं जिनमें से केवल 9 पद भरे गए हैं जबकि 7 पद खाली हैं।
नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट के सोलह पद स्वीकृत हैं। हमारे पास नौ पद भरे हुए हैं। इसके अलावा फार्मासिस्ट के सभी पद भरने के लिए मांग भेज रखी है। अस्पताल में स्थित सभी दवा वितरण केंद्रों पर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं। रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की निगरानी में ही मरीजों को दवा का वितरण किया जा रहा है। -डॉ. बलवान सिंह, प्रभारी नागरिक अस्पताल, भिवानी।