शहर के सरकुलर रोड पर बारिश के बीच गुजरते वाहन।
भिवानी/लोहारू। भिवानी शहर में शनिवार को पांच एमएम और लोहारू क्षेत्र में आठ एमएम बारिश दर्ज की गई। रिमझिम बूंदाबांदी के बाद दोपहर एक बजे अचानक हुई तेज बारिश से लोगों को पिछले एक सप्ताह से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं बारिश ने जिले में मौसम को सुहावना बना दिया।
लोहारू और बहल क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हुई। यहां पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण कपास, ग्वार, बाजरा और मूंग जैसी फसलों में नुकसान की आशंका गहरा रही थी लेकिन शनिवार दोपहर बाद हुई आठ एमएम से अधिक बारिश ने किसानों की चिंता दूर कर दी और खेतों में लहलहा रही फसलों को नई संजीवनी मिल गई।
कृषि विभाग के विनोद सांगवान और विजय भूंगला ने बताया कि लगातार सूखे मौसम से फसलों पर रोग फैलने और मुरझाने का खतरा बढ़ गया था। अब हुई बरसात से खेतों में नई जान आ गई है। विजय भूंगला ने किसानों को सुझाव दिया कि वे ग्वार की फसल में 500 ग्राम रोबोर को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। इसमें सीओसी की मात्रा भी मिलाई जा सकती है। यह छिड़काव फसलों को रोगों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
हालांकि, बारिश ने राहत के साथ परेशानी भी दी। लोहारू शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। पुराना शहर माता चौक, वार्ड नंबर तीन की गली और चौधरी देवीलाल चौक पर बरसाती पानी भरने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।