भिवानी में कृषि मंत्री जेपी दलाल के पैतृक गांव घुसकानी और साथ लगते तिगड़ाना में शनिवार को करबी 48 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से जल गई। दमकल विभाग की दो गाड़ियों की सहायता से कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। किसानों ने भी फसल बचाने केलिए काफी प्रयास किया, लेकिन आग काफी भीषण हो गई थी।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे घुसकानी और तिगड़ाना गांव के खेतों में आग लग गई, जहां गेहूं की तैयार फसल थी। आग देखते ही देखते फैलती गई और घुसकानी के साथ तिगड़ाना के खेतों में भी फैल गई। करीब 48 एकड़ में गेहूं की फसल जल गई। किसानों ने पहले अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बाद में सूचना पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जाता है कि बीड़ी पीने के दौरान निकली चिंगारी से आग लगी, जो फैलती चली गई।
गांव घुसकानी व तिगड़ाना निवासी राजेश, पवन व सौरभ ने बताया कि वे जब अपने गांव में थे, उसी दौरान पड़ोसियों ने उन्हे सूचना दी कि उनकी फसल में आग लगी हुई है। उन्होंने तुरंत फायर बिग्रेड को फोन किया और अपने खेतों के लिए निकल लिए। अपने खेत में पहुंचे तो उनकी गेहूं की फसल कर जल रही थी।
आग पड़ोस के खेतों में न फैले, इसके लिए उन्होंने वहां मिट्टी व गीले पत्तों से आगे बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान फायर बिग्रेड की गाड़ियां भी खेतों में पहुंच गईं और आग पर काबू पाकर आगे फैलने से रोका। नौ किसानों की 48 एकड़ से अधिक फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने फसल नुकसान के बदले में सरकार से मुआवजे की मांग की है।
मनीष की 25 एकड़ में खड़ी फसल जली
घुसकानी के राममेहर, पवन, प्रमोद, कपिल, रमेश की दो-दो एकड़, राजेश की चार एकड़ जमीन में खड़ी फसल जल गई। वहीं, तिगड़ाना के सुनील की नौ एकड़ और मनीष की 25 एकड़ जमीन में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई।