भिवानी। शहर में मॉल, शॉपिंग कांप्लेक्स व फ्लैट निर्माण के दौरान आंख मूंदने वाले अधिकारी व कर्मचारियों पर आखिरकार गाज गिर ही गई। नियमों की अनदेखी कर बने 22 भवनों के मामले में आरोपी 45 अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। अब तक डेढ़ दर्जन अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट थमाई जा चुकी है। बाकियों के चार्जशीट के आर्डर तो हो चुके हैं, लेकिन डिलीवर नहीं हुए हैं। लोकायुक्त के कार्रवाई के आदेश के सालभर बाद आरोपी अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। आरोपी अधिकारी व कर्मचारी उस वक्त भिवानी नगर परिषद में तैनात थे, अब ज्यादातर प्रदेश के दूसरे जिलों में तैनात हैं।
मामला वर्ष 2013-14 का है। शहर में नियमों को ताक पर रख बने भवनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर परिषद को शिकायत की गई। मगर नप अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति पूरी कर दी। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त को की। लोकायुक्त के निर्देश पर तत्कालीन शहरी निकाय निदेशक ने जांच की और 22 भवनों का निर्माण नियमों के खिलाफ बताया। अब इस मामले में लापरवाही बरतने वाले 45 अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। अधिकतर को सेक्शन आठ के तहत चार्जशीट किया गया है। चार्जशीट ऑर्डर भेजे जा रहे हैं। नगर परिषद में करीब 15 अधिकारियों को चार्जशीट करने के आदेश पहुंच चुके हैं। इनमें अधिकतर दूसरे जिलों में कार्यरत है। काफी पदोन्नति पा चुके है।
यह है मामला
शहर में नियमों को ताक पर बने भवनों के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत दी गई थी। किसी का नक्शा पास नहीं है तो किसी के नक्शे में पार्किंग दिखाई गई है और वहां दुकानें चल रही है। किसी ने रिहायशी प्लॉट का नक्शा पास कराया और वहां व्यावसायिक गतिविधियां चल रही है। इसकी शिकायत सेक्टर 13 वासी मुरारीलाल गुप्ता ने लोकायुक्त को की। शिकायत पर अगस्त 2014 में लोकायुक्त ने तत्कालीन स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक विकास गुप्ता को जांच का जिम्मा सौंपा। दिसंबर 2014 में निदेशक ने अपनी जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को सौंपी। रिपोर्ट में 22 भवनों की रिपोर्ट दी गई है। कामर्शियल में पार्किंग की जगह दुकान होने व आवासीय भवनों का निर्माण नक्शे अनुसार न होना या नक्शे पास नहीं होने जैसी शिकयतें है। नप अधिकारियों ने उक्त भवन संचालकों को नोटिस तो दिए, मगर कोई कार्रवाई नहीं की। लापरवाही बरतने के लिए लोकायुक्त ने 45 अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी सिफारिश की। लोकायुक्त की अनुशंसा पर पर शहरी निकाय निदेशालय निदेशक ने मार्च माह में स्थानीय अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इन भवनों को सील करने या गिराने की कार्रवाई के निर्देश दिए। मई माह में नप अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की। किसी का मामूली छज्जा गिराया तो किसी के बाहर सिर्फ नोटिस चस्पाया।
वर्जन::::
मामले में निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। इस बारे में उपायुक्त से मुलाकात करेंगे। मामले में लोकायुक्त की सिफारिश के बाद अब अधिकारियों, कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया है।
पवन अंचल, अधिवक्ता, मुरारी लाल गुप्ता पक्ष
वर्जन:::
कुछ को अधिकारियों, कर्मचारियों को चार्जशीट किया गया है। अभी यह फाइनल नहीं है कि कितनों को चार्जशीट किया गया है।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद