भिवानी। शहर में अनेक भवन बिना नक्शा पास हुए ही बनाए जा रहे है। बेशक यह गैरकानूनी है मगर नगर परिषद में नक्शे पास नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में बिना नक्शा पास करवाए ही भवन निर्माण कर रहे है। नप में करीब सवा दो सौ नक्शे अटके हुए है। चक्कर पर चक्कर लगाने के बाद भी नक्शे पास नहीं होने के बाद अब अधिकतर लोगों ने बिना नक्शे ही भवन निर्माण शुरू कर दिया है। भवनों के नक्शे ही नहीं रजिस्ट्री के काम भी अटके है। नप अधिकारी स्टाफ की कमी की बात कह रहे है और लोग परेशान है।
पिछले करीब दो माह से ही लोगों के लिए नगर परिषद में काम करवाना परेशानी बना है। जन्म-मृत्यु शाखा अब कुछ सुधरी नजर आ रही है तो अब बिल्डिंग और कर शाखा का काम गड़बड़ा गया है। पिछले करीब दो माह में काफी दिन तो बिल्डिंग ब्रांच को ताला लगा रहा है। लोग पिछले दो माह से अपने नक्शे पास करवाने, रजिस्ट्री व अन्य कार्यों के लिए चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं। मगर कभी बिल्डिंग इंस्पेक्टर नहीं होने की बात कही जाती है तो कभी एमई। अब भी नगर परिषद में करीब सवा दो सौ नक्शे अटके हुए है। इनके अलावा करीब 30 केस रजिस्ट्री के अटके है, जिनकी फीस भी जमा हो चुकी है।
कौन होगा बिना नक्शे पास बन रहे भवनों का जिम्मेवार
नप में नक्शे पास नहीं हो रहे है और लोगों ने भवन निर्माण भी शुरू कर दिए है। नियमानुसार यह गैर कानूनी है। मगर नगर परिषद के पास इस गैर कानूनी कार्य को रोकना, अवैध कब्जे हटवाने के लिए भी कर्मचारी नहीं है। लोकायुक्त के निर्देशों पर इसी तरह नियमों को ताक पर रखकर बनाए 22 भवनों को तोड़ने के आदेशों का मामला अभी निपटा भी नहीं है और शहर में काफी संख्या में अवैध निर्माण बन रहे है।
20 दिन से हर रोज नगर परिषद के चक्कर लगा रहा हूं। अस्टिमेट नकल चाहिए। मगर यहां न कोई देने वाला है और न ही कोई बताने वाला।
वेदप्रकाश गोयल, लाजपत नगर
प्लॉट खरीदा था। अब नाम ट्रांसफर करवाना है। पिछले करीब ढाई माह से चक्कर लगा रहा हूं। कभी कोई अधिकारी नहीं मिलता तो कभी कोई नहीं। परेशान कर रखा है।
जगत सिंह, ढाणी महताब
वर्जन:::
नप में स्टाफ की कमी है। कुछ कर्मचारियों की इन दिनों चुनावी ड्यूटी लगी है। स्टाफ की कमी बाबत उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद