भिवानी। सेक्टरों में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत करने जलघर पहुंचे सेक्टरवासी झाड़ियों में जमा गंदे पानी को मोटर के माध्यम से जलघर के टैंकों में डालता देख भड़क गए। सेक्टर वासियों ने आरोप लगाया कि इसी गंदे पानी में लोग शौच तक करते है और इसी को टैंकों में डालकर सप्लाई किया जा रहा। वहां जलघर का मीडिया फिल्टर ही पूरी तरह काम नहीं कर रहा था। जिस कारण बगैर साफ किए पानी की सप्लाई की जा रही थी। सेक्टर वासियों ने आरोप लगाया हुडा 25 हजार लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
भिवानी के सेक्टर 13 और 23 में करीब 25 हजार की आबादी निवास करती है। यहां इन दिनों सप्ताह में जो पानी आ रहा है वह पीले रंग का है। इसी की जांच के लिए सेक्टर वासी बुधवार सुबह जलघर पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। झाड़ियों में जमा गंदे पानी को मोटर के माध्यम से टैंकों में डाला जा रहा था। जिस पर सेक्टर वासी बिफर गए और मोटरों के तार हटा दिया। जलघर की जांच की तो पता लगा कि पानी साफ करने वाला मीडिया फिल्टर ही कम है और पिछले करीब दो साल से मीडिया फिल्टर की कमी के कारण पानी पूरी तरह साफ नहीं हो रहा। इसी कारण पीला पानी घरों में सप्लाई हो रहा है।
शौच वाला गंदा पानी किया जा रहा सप्लाई
सुबह जलघर पर पहुंचे सेक्टर वासी दी भिवानी अर्बन इस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्षदीप डुडेजा, महासचिव चिरंजीलाल सांवरिया, धीरज कक्कड़, गुलशन परुथी, अजीत सिंह, जयबीर यादव, विजय कुमार ने बताया कि झाड़ियों के पास जमा गंदे पानी को टैंकों में डाला जा रहा है। यह बरसाती पानी है और यहां के कर्मचारी कह रहे है कि टैंक की लीकेज से जमा हुआ पानी है। इस पानी में यहां लोग खुले में शौच कर हाथ धोते है और इसी गंदे पानी को टैंकों में डालकर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां पानी साफ करने का मीडिया फिल्टर भी पूरी तरह काम नहीं कर रहा। जबकि तीन साल पहले तत्कालीन डीसी डा. साकेत कुमार ने निरीक्षण के बाद मीडिया फिल्टर ठीक करने के निर्देश दिए थे। इस बारे में डीसी से मुलाकात कर शिकायत करेंगे।
कर्मचारी बोले, किसी को रोके, झगड़ा करते है सब
जलघर पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि अंदर आने से किसी को रोके तो लोग झगड़ा करने लगते है। यहां सुबह लोग घूमने आते है और शौच भी कर जाते है। यह जो पानी टैंकों में डाला जा रहा है यह फिल्टर टैंक से लीक हुआ पानी है।
अब एंट्री होगी बैन
हुडा के जलघर के खाली जगह में लोग सुबह घूमने आते है। काफी लोग यहां शौच भी करते है। महिलाएं भी यहां टैंकों में जमा पानी में मछलियों को आटा डालती है। इसे रोकने के लिए अब यहां एंट्री बैन करने की तैयारी कर ली है। यहां गेट बंद किया जाएगा और जबरन कोई आने का प्रयास करता है तो उस पर जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए पुलिस की भी मदद ली जाएगी। एसडीओ बलराज ने बताया कि लोगों की एंट्री यहां पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा और कोई नहीं मानते है तो पुलिस केस दर्ज करवाया जाएगा।
कर्मचारियों की जिंदगी से भी खिलवाड़
जलघर में कर्मचारियों की जिंदगी से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। जहां मोटरें लगी वहां भवन पूरी तरह कंडम हो चुका है। छत का मलबा बार-बार टूटकर गिर रहा है। जिस कारण कर्मचारी भी डर के साये में काम कर रहे है।
मीडिया फिल्टर की डीएनआईटी बनाकर भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद सफाई करवाकर इसे ठीक किया जाएगा। टैंक की लीकेज के लिए भी प्रपोजल बनाया जा रहा है। जल्द ही इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।