अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। जनाब! यहां शक्ल देखकर प्रतिष्ठानों और घरों के बाहर बने अवैध चबूतरे नियमों के तहत नहीं बल्कि इंसान की हैसियत के हिसाब से तोड़े जा रहे हैं। जिसका जितना ज्यादा प्रभाव या सेटिंग है, उसके चबूतरे के ऊपर उतनी ही कम जेसीबी चलती है। इसके चलते लोगों में रोष बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी जानबूझ कर ऐसा कर रहे हैं ताकि लोगों को परेशानी हो। वहीं, बीएंड अधिकारी ने लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि सभी के अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे।
जी हां! हम बात कर रहे हैं बीटीएम चौक से विजय नगर तक बनने वाले फुटपाथ की जिसके लिए बीएंडआर लोगों के घर दुकानों के सामने बने चबूतरे तोड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि विभागीय अफसरों ने कुछ चबूतरों का तो नामों निशान ही खत्म कर दिया और कुछ चबूतरे 8 से 10 फुट मूल अवस्था में छोड़कर कार्य की इतिश्री की जा रही है। लोग दबी जुबान में कह रहे हैं भाई जिसकी जितनी हैसियत है या सेटिंग कर रखी है उसके चबूतरे को उतनी ही कम आंच आती है।
बरसात में भर जाता है पांच फीट तक पानी
लोगों का कहना है कि भिवानी की इन सड़क पर बरसात होते ही 4 से 5 फीट पानी जमा हो जाता है। अधिकारियों को मानसून के वक्त ही काम करने की सूझी है। इस वजह से हर रोज यहां दुर्घटनाएं हो रही हैं। रोड में गड्ढे बने हुए हैं जिन्हें विभाग की तरफ से ठीक तक नहीं किया जा रहा है।
लोगों के कट गए पानी के कनेक्शन
लोगों का कहना है कि बीएंडआर द्वारा तोड़े गए अवैध निर्माण हटाने के साथ-साथ लोगों के पानी के कनेक्शन भी उखाड़ दिए गए हैं। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्हें फिर से पैसे खर्च कर कनेक्शन लगवाने पड़ रहे हैं।
पब्लिक हेल्थ की ओर से डाली जानी थी सीवरेज लाइन
बीटीएम चौक से लेकर विजय नगर तक पब्लिक हेल्थ की ओर से सीवरेज लाइन डाली जानी थी। करीब डेढ साल पहले सीवरेज लाइन मंजूर भी हो गई थी। उसके बावजूद भी सीवरेज लाइन नहीं डाली गई। अब जहां बीएंडआर फुटपाथ के लिए सड़क व अवैध निर्माण तोड़ रहा है। फुटपाथ बनाने के बाद पब्लिक हेल्थ फिर से उसे उखाड़कर सीवरेज लाइन बिछाएगा। इससे आमजन के पैसों की ना केवल बर्बादी होगी बल्कि परेशानी भी उठानी पड़ेगी।
वर्जन
अवैध निर्माण को हटाने में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। जिसने भी अवैध निर्माण किया है उसे पूरी तरह से हटाया जाएगा। इस दौरान वहीं कनेक्शन डैमेज हुए हैं जो नियमानुसार नहीं लगे थे। इसकी जिम्मेवारी उन्हीं लोगों की है। सीवरेज लाइन के लिए पब्लिक हेल्थ अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पब्लिक हेल्थ का सीवरेज लाइन डालने के लिए डेढ साल तक वेट किया है। अब वे और वेट नहीं कर सकते। एक महीने में फुटपाथ को तैयार कर दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर।