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हरियाणा में खूब हुई नकल: अबतक 381 मामले, जिन परीक्षा केंद्रों में नकल हुई उनका क्या? बोर्ड अधिकारियों का फैसला

Wed, 12 Mar 2025 05:57 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी

सार

हरियाणा बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामले रुक नहीं रहे हैं। इस बार सख्ती के बावजूद अबतक 381 नकल के मामले सामने आ चुके हैं। अब बोर्ड की तरफ से कड़े फैसले लिए गए हैं। 
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हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड अधिकारी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार भी खूब नकल हुई है। हालांकि विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई भी की गई है। ऐसे में अब और सख्ती करते हुए अब जिन परीक्षा केंद्रों (स्कूलों) पर नकल कराई जाएगी, भविष्य में उनको परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। ऐसे स्कूल प्राचार्य व प्रबंधन पर भी कार्रवाई होगी। 

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बोर्ड ने इस बार अब तक नकल के 381 मामले दर्ज किए हैं। वहीं दूसरे की जगह परीक्षा देते 12 युवक भी दबोचे हैं, जिनकी संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं 39 पर्यक्षकों को भी ड्यूटी से रिलीव किया गया है। 

बुधवार को बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार व बोर्ड सचिव डॉ. मुनीश नागपाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि हरियाणा में गुणवत्तापरक शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कार्य कर रहा है।
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नकल रोकने के लिए लगाई गई 226 फ्लाइंग स्कवायड 
बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शिक्षा बोर्ड अधिकारियों से विशेष बैठक कर निर्देश दिए हैं। बोर्ड चेयरमैन व सचिव ने बताया कि 226 फ्लाइंग स्कवायड भी नकल रोकने के लिए लगाई गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य की परीक्षाओं में जहां भी नकल के मामले पाए गए तथा परीक्षा केंद्रों को रद्द करना पड़ा, उनमें दोबारा परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। नकल में संलिप्त संबंधित स्कूल प्राचार्य या प्रबंधन पर भी कार्रवाई होगी।
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विद्यार्थियों का कम्यूनिकेशन स्किल सुधारने पर हो रहा काम
10वीं बोर्ड के गणित के प्रश्नपत्र में बाहर से प्रश्न आने के मुद्दे पर ग्रेस मार्क्स दिए जाने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इसको लेकर गणित विशेषज्ञों की टीम को यह मामला सौंपा है, जो प्रश्नों की कठिनता, प्रश्नों का स्तर व अन्य बिंदुओं पर ध्यान देकर ग्रेस मार्क्स दिए जाने का निर्णय लिया जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि हरियाणा के बच्चों का आईक्यू राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल आदि राज्यों से किन्ही भी मामलों में कम नहीं है, क्योंकि उत्तर भारत के विभिन्न प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में हरियाणा के छात्रों का एडमिशन अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा पाया जाता है। हालांकि उन्होंने कहा कि हरियाणा के विद्यार्थियों की कम्यूनिकेशन स्किल को सुधारने की दिशा में भविष्य में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा कार्य किया जाएगा।

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