भिवानी। 300 करोड़ रुपये भुगतान और अन्य मांगों के समर्थन में आईएमए के आह्वान पर जिले के 35 निजी अस्पताल हड़ताल पर रहे। सोमवार को किसी भी अस्पताल में चिरायु और आयुष्मान कार्ड धारकों को उपचार नहीं किया। हालांकि पहले से भर्ती मरीजों का उपचार अस्पताल संचालकों ने जारी रखा।
आईएमए के पूर्व प्रधान और फिलहाल संरक्षक डॉ. कर्ण पूनिया ने कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें हर पर झांसे में लेकर उनकी हड़ताल को खत्म करवा देती है। पिछली बार प्रदेश सरकार से जो बातचीत हुई थी उसके बाद कुछ भुगतान आया था, लेकिन फिर से वहीं पहले वाली जैसी स्थिति हो गई। इसके कारण प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों में काफी रोष था।
डॉ. कर्ण ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बार-बार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने पर आईएमए के आह्वान पर हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि जिले में 5,59,588 आयुष्मान व चिरायु कार्ड धारक हैं। आईएमए की हड़ताल के चलते उनको मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर संकट आ गया हैं। क्योंकि जिले नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में इस स्तर की सुविधा नहीं है कि मरीजों को पूरा इलाज प्रदान कर सके। वहीं अभी शहर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का काम भी पूरा नहीं है। यह अभी निर्माणाधीन है। ऐसे में निजी अस्पताल संचालकों की हड़ताल से आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पूर्ण भुगतान नहीं होने तक जारी रहेगी हड़ताल
डॉ. कर्ण ने बताया कि जब तक प्रदेश सकार निजी अस्पतालों की पूरा 300 करोड़ रुपये बकाया का भुगतान नहीं करती है, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निजी अस्पताल अबकी बार प्रदेश सरकार के किसी भी प्रकार के झांसे में नहीं आने वाले हैं। इससे पहले भी प्रदेश सरकार ने कुछ भुगतान कर दिया था, उसके बाद फिर से वही वाली स्थिति पैदा हो गई।
फिलहाल 5 जुलाई तक रहेगी हड़ताल
आईएमए के संरक्षक डॉ. कर्ण के अनुसार फिलहाल निजी अस्पतालों की हड़ताल 5 जुलाई तक जारी रहेगी। अगर प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो ये एक हफ्ते आगे और बढ़ जाएगी।