भिवानी। डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है। विभाग ने डेंगू मरीजों को दाखिल करने के लिए 36 से बढ़ाकर 66 बेड आरक्षित कर दिए हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में दाखिल डेंगू के मरीजों को अब प्लेटलेट्स के लिए महंगे दाम नहीं चुकाने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक कमेटी का गठन कर निशुल्क प्लेटलेट्स दी जाने की सुविधा की है। रविवार को महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. वीना सिंह और डॉ. उषा गुप्ता की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इसमें सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ संध्या गुप्ता ने भाग लिया।
नागरिक अस्पताल में दाखिल बुखार या डेंगू बुखार के मरीज को अगर एसडीपी या फिर आरडीपी की जरूरत है तो ऐसे में उन्हें यूनिट उपलब्ध करवाने के लिए डेंगू वार्ड इंचार्ज फिजिशियन की ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि मरीज को तुरंत प्रभाव से एसडीपी और आरडीपी तुरंत उपलब्ध हो। डेंगू बुखार के मरीज को एसडीपी और आरडीपी से संबंधित समस्त कागजी कार्रवाई करने वाले चिकित्सक के हस्ताक्षर करवाने की जिम्मेदारी नर्सिग ऑफिसर की होगी। ये समस्त कागजात फिजिशियन की देखरेख में तैयार करेंगे और मरीज के समस्त कागजात ब्लड बैंक भिवानी इंचार्ज को तैयार करके देंगे। ब्लड ब्लड बैंक इंचार्ज सुनिश्चित करें कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी लगाते हुए तुरंत प्रभाव से एसडीपी आरडीपी संबंधित ब्लड बैंक से उपलब्ध करबाते हुए डेंगू वार्ड में भिजवाना होगा।
बिल पास करने के लिए किया कमेटी का गठन
जिन मरीजों को एसडीपी और आरडीपी की जरूरत होगी उन मरीजों के बिल पास करने हेतु जिला स्तरीय कमेटी का सिविल सर्जन के आदेशानुसार उपसिविल सर्जन वीबीडी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। इसमें डेंगू वार्ड इंचार्ज फिजिशियन या ट्रीटिंग डॉक्टर, डेंगू वार्ड की नर्सिंग ऑफिसर, पैथोलोजिस्ट ब्लड बैंक भिवानी और पैथोलोजिस्ट एसएसएच लैब सदस्य शामिल किए है। डेंगू बुखार के बीपीएल मरीजों के बिल प्रधान चिकित्सा कार्यालय से पास होंगे और सामान्य श्रेणी से संबंधित रखने वाले डेंगू मरीजों के बिल एनवीबीडीसीपी के हेड से पास होंगे। ब्लड बैंक इंचार्ज को जिले के डेंगू मरीजों को दी गई एचडीपी और आरडीपी का प्रतिदिन का स्टेटस उप सिविल सर्जन कार्यालय वीबीडी की ईमेल आईडी पर प्रतिदिन दोहपर दो बजे तक भेजना होगा।
जिले में डेंगू के लिए आरक्षित किए 66 बेड
स्वास्थ्य विभाग में डेंगू मच्छर के बढ़तेे प्रकोप से बचाव के लिए अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग ने सरकारी अस्पतालों में बेड की सुविधा कर दी है। नागरिक अस्पताल में जहां 33 बेड की व्यवस्था की है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में तोशाम, सिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा में भी डेंगू के मरीजों के लिए पांच-पांच बेड आरक्षित लिए है। साथ ही मानेहरू, धनाना, जमालपुर और मिरान के सरकारी अस्पताल में भी दो-दो की सुविधा की है। इस सभी बेड में डेंगू मच्छर से बचाव के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था भी की है।
ड्यूटी स्टाफ को 24 घंटे का रोस्टर किया तैयार
डेंगू के मरीजों के उपचार में ड्यूटी देने में फिजिशिन, स्टाफ नर्स, वार्ड सर्वेंट आदि शामिल हैं। इन स्टाफ की ड्यूटी आठ-आठ घंटे तय कर 24 घंटे के हिसाब से रोस्टर तैयार किया है। स्टाफ की ड्यूटी सप्ताह में सातों दिन रहेंगी। साथ ही यह ड्यूटी हर 15 दिन के बाद दोबारा अपडेट की जाएगी। मरीजों को अगर कोई दिक्क्त या फिर किसी सामान की जरूर है तो वे अस्पताल के स्टाफ से संपर्क कर सकते है। स्टाफ के माध्यम से उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
डेंगू के 12 नए मरीज मिले, 59 के सैंपल भेजे लैब
जिले में रविवार को डेंगू के 12 नए मरीज सामने आए हैं। इसके बाद जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 285 हो गई है। इनमें से 267 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वहीं 18 मरीज नागरिक अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। रविवार को मलेरिया की जांच के लिए शहरी क्षेत्र में 47 और ग्रामीण क्षेत्र में 76 आशंकित मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई। डेंगू की जांच के लिए 59 सैंपल लैब में भेजे हैं। जिले में डेंगूू मच्छर का लारवा मिलने पर अब तक 4098 को नोटिस जारी किया है। वहीं मलेरिया का जिले में अब तक कोई केस सामने नहीं आया है।
वर्जन:
जिले में डेंगू को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां की हैं। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों को फीवर मास सर्वे, एंटी लारवा अभियान को अधिक सक्रीय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डेंगू के मरीजों के लिए अधिक बेड आरक्षित किए हैं। मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध करवाने की भी व्यवस्था की है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।