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ब्लैक फंगस से दो दिन में तीन की मौत, एक नया मामला आया सामने

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भिवानी। जिले में ब्लैक फंगस से दो दिन में तीन लोगों की मौत हो गई। वही फंगस से ग्रस्त एक नया केस मंगलवार को सामने आया है। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया।
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जिले में ब्लैक फंगस से ग्रस्त कुल 38 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि बढ़ रहे फंगस के मामलों के बावजूद अब तक जिला केंद्र पर उपचार की व्यवस्था नहीं हो पाई है। सरकार ने मेडिकल स्टोर पर ब्लैक फंगस की दवा की बिक्री पर रोक लगा रखी है जिससे स्टोर पर दवा नहीं मिल रही है। सरकारी अस्पतालों में दाखिल मरीजों को तो सरकार दवा उपलब्ध करवा रही है मगर निजी अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के लिए दवा लेना समस्या बन गया है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दो दिनों में ब्लैक फंगस से तीन की मौत की हो गई। इसमें जिले के गांव धनाना से 50 वर्षीय व्यक्ति, गांव बलियाली से 69 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति और गांव धनाना से 47 वर्षीय व्यक्ति शामिल है। जिले में अब फंगस से कुल नौ की मौत हो गई। इनमें एक की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। वही मंगलवार को गांव सैय से 55 वर्षीय व्यक्ति ब्लैक फंगस से ग्रस्त मिला है, जिसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल करवाया है। जिले में अब तक कुल 38 मामले सामने आए हैं, इनमें से नौ की मौत हो गई और 13 ठीक हुए हैं। फिलहाल 16 सक्रिय केस हैं। जिन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, पीजीआईएमएस रोहतक और गुरुग्राम के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
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रेफरल बना जिला सामान्य अस्पताल
जिले में आए दिन ब्लैक फंगस का नया मामला मिल रहा है। बावजूद इसके जिला केंद्र पर इसके प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में फंगस के उपचार के लिए कोई दवा और इंजेक्शन नहीं हैं। ऐसे में अगर किसी मरीज की हालत गंभीर हो जाती है तो उसे पीजीआई रोहतक या अन्य किसी अस्पताल में भेजने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। जिला सामान्य अस्पताल की ओपीडी में ईएनटी रोग विशेषज्ञ, सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ और दंत रोग विशेषज्ञ की ड्यूटी तो लगा दी मगर उनके पास मरीज को देने के लिए दवा तक नहीं है। ऐसे में जिला फंगस से कितना सुरक्षित है, अनुमान लगाया जा सकता है।
कोट-
ब्लैक फंगस की जो भी दवाइयां आ रही हैं सरकार ने वो अपने अंडर में ले ली है और खुद सप्लाई कर रही है। जिले में किसी भी मेडिकल स्टोर पर ब्लैक फंगस के उपचार की कोई दवा नहीं है। प्राइवेट अस्पताल में उपचाराधीन मरीज को दवा के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को मेडिकल स्टोर पर भी ब्लैक फंगस की दवा बिक्री शुरू करवानी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर दवा मिल सके।
- देवराज मेहता, प्रेसिडेंट, भिवानी केमिस्ट एसोसिएशन।
ये बोले अधिकारी :
जिले में ब्लैक फंगस को लेकर ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, जोकि फंगस के मरीजों की जांच कर रहे हैं। फंगस की पुष्टि होने पर मरीज को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया जा रहा है। हमारे पास स्वास्थ्य महानिदेशालय से यही गाइडलाइन है कि फंगस की पुष्टि कर मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दें। अभी जिला सामान्य अस्पताल में फंगस का कोई मरीज दाखिल नहीं है।
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- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन।
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