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अब स्वास्थ्य विभाग मरीजों को मैसेज और कॉल कर लेगा अस्पताल की सुविधाओं का फीडबैक

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भिवानी। सामान्य अस्पताल में आने के लिए आपका धन्यवाद। आप अस्पताल के अपने अनुभव से कितने संतुष्ट हैं, या बिल्कुल ही असंतुष्ट है। आपकी राय भविष्य में बेहतर सेवा देने में मदद करेगी। आपकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। इस तरह के मैसेज आज से अस्पताल में उपचार कराने पहुंचने वाले मरीजों के पास पहुंच रहे है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों से अस्पतालों की व्यवस्थाओं का फीडबैक ले रहा है। इसी के आधार पर सभी जिला अस्पतालों की परफोरमेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मगर यहां हैरान करने वाली बात है कि मुख्यालय की ओर से यह फीडबैक लिया जा रहा है मगर जिला अस्पताल के अधिकारियों की इसकी सूचना ही नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पतालों में मिल रही सुविधाओं के बारे में अब मरीजों से ही फीडबैक ले रहा है। क्योंकि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने यहां बेहतर व्यवस्थाएं और सुविधाएं देने का दावा करते है। मुख्यालय से अधिकारियों के निरीक्षण पर आने के समय साफ-सफाई भी हो जाती है मगर अन्य दिनों उतनी बेहतर व्यवस्था नहीं मिलती। जिसका ताजा उदाहरण है बुधवार को डीसी का औचक निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार के माध्यम से लगे काफी कर्मचारी गैर हाजिर मिले तो नर्सिंग हॉस्टल के ठीक सामने कचरे का ढ़ेर लगा था। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी थी। जिस पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
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इन्हीं समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक सीधे मरीज से ही लेने का निर्णय लिया है। इसकी शुरूआत हो गई है और अब अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों से ट्रीटमेंट स्लिप (पर्ची) बनवाने के दौरान ही फोन नंबर भी लिया जाता है। चूंकि अब ट्रीटमेंट का सारा डाटा ऑन लाइन है तो यह जानकारी तुरंत ही मुख्यालय भी पहुंच रही है। इसी के आधार पर अब फीडबैक का प्लान तैयार किया गया है।

यूं मांगा जा रहा फीडबैक
फोन कॉल व मैसेज के बाद से जो फीडबैक लिया जा रहा है। उसमें मरीजों से तीन ऑप्शन के माध्यम से फीडबैक लिया है। बहुत संतुष्ट हैं तो एफबी एक, संतुष्ट है तो दो, असंतुष्ट है तो तीन लिखकर अपना जवाब देना होगा। मैसेज के अलावा यहीं प्रक्रिया कॉल करके पूछी जा रही है। बहुत संतुष्ट हैं तो एक दबाएं, संतुष्ट है तो दो और असंतुष्ट है तो तीन दबाएं। इसमें मरीजों को उनके द्वारा दी जा रही जानकारी गोपनीय रखने की भी बात कहीं जा रही है। साथ ही कहां जा रहा है कि आपकी राय भविष्य में बेहतर सुविधाएं देने में कारगर साबित होगी।

जिला अधिकारियों को नहीं जानकारी
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से चल रही फीडबैक लेने की प्रक्रिया की स्थानीय अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है। जब उन्हें इसका पता लगा तो वे भी हैरान हुए और अब सेवाएं बेहतर करने के साथ-साथ इस प्लान को भी मरीजों के हित में बेहतर बताया।
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काफी समय पहले सामान्य अस्पताल में भर्ती मरीजों से फीडबैक लिया जाता था। मगर सब पेपर पर था। मरीज स्टाफ की मौजूदगी के चलते खुलकर नहीं बता पाते थे। अब ऑनलाइन मैसेज व फोन कॉल से फीडबैक लिया जा रहा है तो बेहतर है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी।
- डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन।
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