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एक साल से नप में फंसे करीब आठ सौ नक्शे

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भिवानी। नगर परिषद की लेटलतीफी देखिये, एक साल पहले नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन करने वाले भी नक्शे के लिए चक्कर काट रहे है। जबकि नियमानुसार 21 दिन में नक्शे पास करके देने होते है। नप में करीब 800 नक्शों की फाइल फंसी हुई है। परेशान लोग हर रोज चक्कर लगा रहे। अब नप की लापरवाही का खामियाजा यह है कि सैकड़ों अवैध भवन बिना नक्शा पास किए बनकर तैयार हो गए है। अब नप की ओर से इनके निर्माण को रोकने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया। इसका मुख्य कारण है नप में एमई और बिल्डिंग इंस्पेक्टर के पदों पर नियमित अधिकारी नहीं होना। डेपुटेशन पर होने के चलते कभी एमई नहीं होता तो कभी बीआई।
नगर परिषद में पिछले करीब दो साल से बिल्डिंग इंस्पेक्टर का पद रिक्त है। इस दौरान अनेक को डेपुटेशन पर भेजा गया। मगर सभी की ड्यूटी दो दिन भिवानी नप में चार दिन कहीं ओर। इस कारण किसी ने भी भिवानी के कार्य को गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण नप में लंबित नक्शों की फाइलों की संख्या भी बढ़ती गई। अब करीब आठ सौ फाइलों का ढ़ेर लगा है। लोग नक्शों के लिए चक्कर काट रहे है। अब समस्या यह भी आ गई है कि एमई का पद भी रिक्त है और डेपुटेशन पर नियुक्ति दी गई है। करीब छह माह से एमई का पद रिक्त है। अब कभी एमई होता है तो बिल्डिंग इंस्पेक्टर नहीं होता और बीआई होता है तो एमई नहीं होता। इनके हस्ताक्षर नक्शों की फाइल पर अनिवार्य है।
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बिना नक्शा पास किए बन रहे भवन
बिना नक्शा पास करवाये भवन निर्माण गैरकानूनी हैै। ऐसे में नप की ओर से सील करने के अलावा तोड़ने का भी प्रावधान है। मगर नप कार्यालय में नक्शे ही पास नहीं हो रहे तो मजबूरन लोग नियमों को ताक पर रखकर भवन निर्माण करने को मजबूर है।
बैंक लोन के लिए अनिवार्य है नक्शा
अगर कोई बैंक लोन लेकर मकान या भवन निर्माण करना चाहता है तो उसके लिए नक्शा अनिवार्य है। ऐसे में जो लोग बैंक लोन लेना चाहते है, वे ज्यादा चक्कर काट रहे है। इसके अलावा कुछ को चिंता है कि कहीं बिना नक्शा पास करवाये बना लिया और नप अधिकारी सील करने या तोड़ने पहुंच गए तो समस्या हो जाएगी।
नप को भी लाखों का नुकसान
ऐसा नहीं है कि नगर परिषद को इसका नुकसान नहीं हो रहा। दरअसल भिवानी नप के पास आय के संशाधन पहले ही कम है और आय के संसाधनों में नक्शों की फीस अहम है। इसके बावजूद आठ सौ से ज्यादा नक्शों की फाइल लटकी हुई। जिस कारण नप को भी लाखों का नुकसान हो रहा है।
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नियमित अधिकारी नहीं होने से समस्या आ रही है। नक्शे पास नहीं होने से आमजन को हो रही परेशानी पर विचार-विमर्श किया है और अब प्लान बनाया है कि एमई और बीआई से बातचीत कर उन्हें एक दिन नप में बुलाया जाए। योजना है कि इस वीरवार और शुक्रवार को उक्त दोनों अधिकारियों को एक साथ बैठाकर लोगों के नक्शे पास करवाये जाए।
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