न्यू पार्क कॉलोनी में विवादित जमीन पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। शहर की न्यू पार्क कॉलोनी में विवादित जमीन को लेकर शनिवार शाम को हंगामा हुआ। एक पक्ष जगह पर निर्माण के लिए पुलिस सुरक्षा के साथ मजदूरों को लेकर पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसी दौरान स्थानीय लोगों के साथ तीखी नोंक-झोक हुई और खूब हंगामा हुआ। करीबन दो घंटे तक पुलिस मौके पर तैनात रही।
मामला शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे का है। न्यू पार्क कॉलोनी में चिल्ड्रन पार्क की जगह को लेकर विवाद चल रहा है। कॉलोनी वासियों का कहना है कि यह पार्क की जगह है जबकि एक व्यक्ति ने अपना मालिकाना हक जताया। कोर्ट के कागज और पुलिस सुरक्षा के साथ व्यक्ति वहां पहुंचा और जगह की निशानदेही की गई। जब मजदूर के साथ वहां खुदाई शुरू की तो कॉलोनी वासियों ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान तीखी नोंक-झोंक हुई, जिसके बाद हक जताने वाला व्यक्ति वहां से चला गया। इस दौरान पुलिस भी मौके पर खड़ी होकर सारा नजारा देखती रही।
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पार्क के लिए छोड़ी गई थी जगह
न्यू पार्क कॉलोनी निवासी पूर्व पार्षद मंगतराम शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, डॉ. मंजीत सिंह, संजय कुमार, सुरेन्द्र दलाल, धर्म सिंह जांगड़ा, बिट्टू, सतीश, कृष्णा गजवानी, रामप्यारी, विकास, नानकचंद, गुलजारीलाल, नरेंद्र शर्मा व कृष्ण कुमार ने बताया कि 70 के दशक में कॉलोनी आबाद हुई थी। उस समय प्लाट काटने के बाद चार गलियों के बीच मे तिकोनी जगह पर चिल्ड्रन पार्क के लिए जगह खाली छोड़ी गई थी। तभी से इस जगह का इस्तेमाल स्थानीय लोग सार्वजनिक कार्यों के लिए करते आ रहे हैं। करोड़ों रुपयों की इस जमीन पर अब भूमाफिया की निगाहें जम गई हैं। इसी के चलते नगर परिषद कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करते हुए कुछ लोगों ने नगर परिषद रिकार्ड में चढ़वा ली। जिसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने की और जांच के बाद नगर परिषद ने इस यूनिट को बाद में रद्द कर दिया था। लेकिन इसके बावजूद 1982 की रजिस्ट्री लेकर कुछ लोग तिकोनी जगह को कब्जाने के लिए सितंबर 2018 में न्यायालय में चले गए। जिसमें ईश्वरदत्त व रवींद्र को पार्टी बनाया गया है, जबकि इन दोनों ही लोगों का इस जमीन से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। कॉलोनी की बुजुर्ग महिला रामप्यारी व कृष्णा ने बताया कि उनकी शादी के वक्त से ही वह यहां पर तिकोनी जगह को खाली देख रही है। उनका यह भी कहना है कि नगर परिषद में फर्जी तरीके से यूनिट चढ़वाने में नाकाम रहने के बाद कुछ लोग बेवजह इस मामले को न्यायालय में घसीट कर ले गए। जिसमें न्यायालय ने पुलिस सुरक्षा के आदेश दिए हैं, जबकि इस जगह के संबंध में न्यायालय ने कुछ स्पष्ट नहीं किया है। इस तिकोने चिल्ड्रन पार्क की जगह को किसी भी सूरत में नहीं कब्जाने की चेतावनी दी।
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बीटीएम पुलिस चौकी इंचार्ज बीर सिंह ने बताया कि न्यायालय के पुलिस सुरक्षा के आदेश मिले थे। इसीलिए जो लोग न्यायालय से साइट पर निर्माण के लिए पुलिस सुरक्षा के आदेश लेकर आए थे, उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस वापस आ गई। उन्हें जमीन के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है।