भिवानी। दिल्ली आम चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लोग मेरा मजाक उड़ाते थे और कहते थे कि आप का यहां कोई वजूद नहीं। लेकिन हम दिल्ली जीत ली। आज हरियाणा में मजाक उड़ाते हुए कहते है कि यहां आप का कुछ नहीं है। इसका जवाब यह की जनता इन दलों को देगी। यह बात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बापोड़ा गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से हरियाणा और दिल्ली के सरकारी स्कूलों, अस्पतालों का फर्क दिखाया।
जनसभा में पहुंचने पर सीएमअरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। संबोधन में मुख्यमंत्रीने कहा कि यह मंत्री वीके सिंह का गांव है। बावजूद इसके यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। दिल्ली सरकार ने तीन साल में स्कूलों और अस्पतालों की व्यवस्था बदली। अब अस्पतालों में वहां फ्री इलाज होता है। अभिभावक प्राइवेट स्कूलों से अपने बच्चों के नाम कटवाकर सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिलवा रहे है। दिल्ली में 24 घंटे बिजली दी जा रही है और अन्य राज्यों की तुलना काफी सस्ते दामों पर। जब तीन साल में दिल्ली सरकार ये कर सकती है तो हरियाणा की खट्टर सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उ
खट्टर सरकार ने काम किया होता तो केजरीवाल को यहां नहीं आना पड़ता
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नेताओं से देश बड़ा नहीं बनेगा अच्छी शिक्षा से देश बड़ा बनेगा। हम राजनीति में अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य व अच्छी व्यवस्था के लिए राजनीति में आए है। खट्टर सरकार ने अगर काम किया होता तो आज अरविंद केजरीवाल को दौरा नहीं करना पड़ता।
प्रिंसिपल और स्टाफ मेहनती, भवन ने किया निराश
बापोड़ा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण खत्म कर जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लौटने लगे तो स्कूल स्टाफ ने बताया कि उन्होंने विजिटर्स रजिस्टर शुरू किया है तो आप भी अपनी राय इसमें लिखे। जिसमें मुख्यमंत्री ने उसमें लिखा कि प्रिंसिपल और टीचर्स काफी मेहनत कर रहे है। इसके बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लिखा कि स्कूल हेड और स्टाफ सदस्यों से मिलकर प्रभावित हुआ मगर स्कूल भवन देखकर निराशा हुई। स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों को मेरी शुभकामनाएं।
गुंडा टैक्स लगा दिया, मुआवजा दिया नहीं
बापोड़ा गांव में सरकारी स्कूल के सामने ही खेतों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि इंश्योरेंस के नाम पर हरियाणा सरकार ने गुंडा टैक्स लगाकर जबरन खातों से रुपये काट लिए। मुआवजा अब तक भी नहीं दिया। दिल्ली में पिछले साल बर्बाद हुई फसल का 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया। किसानों को चक्कर नहीं काटने पड़े और अधिकारी लोगों के घरों में चैक देकर आए।