नगर परिक्रमा में मौजूद महंत चरणदास महाराज व श्रद्धालु।
भिवानी। हनुमान जोहड़ी धाम मंदिर परिवार की ओर से बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में निकाली जा रही अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा के सोमवार को 14 माह पूर्ण हो गए। मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर आयोजित इस नगर परिक्रमा ने पूरे भिवानी शहर को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया है।
सोमवार सुबह जैसे ही विशेष नगर परिक्रमा शुरू हुई, पूरा वातावरण शंखध्वनि, ढोल-नगाड़ों और प्रभु के जयकारों से गूंज उठा। परिक्रमा में शामिल सैकड़ों श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते, गाते और नृत्य करते नजर आए। भक्ति गीतों और मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय और दिव्य बना दिया। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने परिक्रमा के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नगर परिक्रमा केवल एक शारीरिक यात्रा या पैदल चलना नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और पूरे नगर के कल्याण का पवित्र मार्ग है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ब्रजमंडल में गोवर्धन और वृंदावन परिक्रमा का विशेष महत्व है उसी प्रकार भिवानी की यह अढ़ाई कोसी परिक्रमा नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए निरंतर जारी है।
उन्होंने कहा कि इस परिक्रमा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी में सनातन संस्कारों का सिंचन करना है। जब युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और भक्ति से जुड़ेंगे तो समाज में स्वतः सकारात्मक बदलाव आएगा। महंत चरणदास महाराज ने श्रद्धालुओं से धर्म, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।