बारिश के साथ ओले गिरे : घंटे भर में शहर की सड़कों और गलियों में भरा पानी
भिवानी। मौसम की पैंतरेबाजी लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को सुबह दस बजे से दो बजे तक गर्मी व उमस रही। दो बजे एकाएक तेज बारिश के साथ ओले गिरे। ओलावृष्टि से एकबारगी अफरातफरी मच गई, लेकिन 8-10 मिनट के बाद थम गई और बारिश जारी रही। घंटेभर में 5 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। शहर में रुक-रुक कर एक घंटे तक चली बारिश ने शहर वासियों को गर्मी से राहत तो दिला दी लेकिन जलभराव ने परेशान करना शुरू कर दिया। शहर के कई क्षेत्र व चौक-चौराहे पानी से लबालब हो गए। सीवरेज जाम की समस्या होने के कारण पानी बाहर निकलता रहा। शहर के अलावा चांग और बवानीखेड़ा में भी ओले गिरे। वहीं, मंडी में पिछले काफी दिनों से उठान की समस्या के चलते दोबारा दूसरी बार गेहूं व सरसों की फसल पूरी पूरी तरह से भीग गई।
इन सड़कों पर भरा पानी
शहर में सीवरेज की समस्या कई क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही हैै। शहर के हांसी गेट, रोहक गेट, दादरी चौक व अन्य कई कालोनियों में पानी सड़कों पर जमा हो गया। इससे दो पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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तीन डिग्री तक गिरा पारा
दोपहर बाद बारिश आने से अधिकतम पारा 36 से 33 डिग्री तक पहुंचा और न्यूनतम पारा एक डिग्री तक गिरा। मौसम विभाग द्वारा अभी और बारिश होने से संभावना जताई जा रही है।
दूसरे दिन भी मंडी में भीगा अनाज
भिवानी/बवानीखेड़ा। पिछले 36 घंटे में दूसरी बार अनाज मंडी में फसल भीगी। सोमवार देर रात बारिश के बाद बुधवार को भी तेज बारिश ने मंडी में पड़े गेहूं की बोरियों को जलमग्न कर दिया। अनाजमंडी व चारामंडी में खुले में पड़ी हजारों क्विंटल सरसों के अलावा गेहूं भीग गया।
बवानीखेड़ा में बुधवार को मूसलाधार बारिश के साथ साथ ओले गिरने से किसानों व आढ़तियों का अनाज मंडी में खुले व कट्टों में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। आढ़ती मांगेराम सिवाड़ा, गजेंद्र, शमशेर सिंह, राजल, कवंरसिंह, जोगेन्द्र, अमीलाल, सुखपाल आदि की मानें तो अनाज मंडी में 50 हजार कट्टे गेहूं भीग गया है। आढ़तियों व किसानों ने हैफेड विभाग की कार्यप्रणाली पर ठीकरा फोड़ा और कहा कि इनके कार्यप्रणाली बिल्कुल धीमी है जिसके कारण किसके कारण उन्हें ये दिन देखने पड़ रहे हैं।