पद्मावत के विरोध में राजपूत समाज ने नौरंगाबाद और बापोड़ा में लगाया जाम
भिवानी। पद्मावत फिल्म को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म के विरोध में वीरवार को केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के पैतृक गांव बापोड़ा समेत जिले में तीन जगहों पर लोगों ने रास्ता रोका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बापोड़ा, नौरंगाबाद में घंटेभर लोगों ने जाम लगाया। सुंगरपुर गांव में लोगों ने फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका।
प्रदेश में पद्मावत फिल्म कई जिलों के सिनेमा हाल में लगाए जाने के विरोध में भिवानी में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। वीरवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नौरंगाबाद के राजपूत समाज के युवा भिवानी- रोहतक मार्ग पर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान करीब एक घंटा तक यातायात बाधित रहा। करीब एक घंटे तक जाम में वाहन फंसे रहे। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। जाम की सूचना मिलते ही खरक चौकी इंचार्ज टीम सहित मौके पर पहुंचे और युवाओं को समझाबुझाकर करीब एक बजे जाम खुलवाया।
दूसरी तरफ गांव बापोड़ा में भी राजपूत समाज के लोगों ने भी बापोड़ा-तोशाम रोड पर जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजे जाम लगाकर युवाओं ने पद्मावत फिल्म का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने केंद्र सरकार से इस फिल्म को तुरंत प्रभाव से बंद करवाए जाने की मांग की। जाम के कारण इस मार्ग पर भी यातायात बाधित रहा। जाम की सूचना मिलने सदर थाना प्रभारी जयसिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद युवाओं ने रास्ता खोला।
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गावं बापोड़ा और नौरंगाबाद में राजपूत के कुछ लोगों ने जाम लगाया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल करवा दिया।
- जयसिंह, थाना प्रभारी सदर
सन सिटी सिनेमा में फिल्म को कब चलाया जाएगा, इस बारे में कंपनी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। इसके लिए एक दो-दिन में प्रदेश के माहौल को देखा जा रहा है। इसके बाद ही फिल्म चलाए जाने पर फैसला हो पाएगा।
-करन यादव, मैनेजर, सन सिटी सिनेमा, भिवानी
सुंगरपुर में लोगों ने फूंका भंसाली का पुतला
कैरू। पद्मावत फिल्म के विरोध में क्षेत्र के गांव सुंगरपुर के राजपूत समाज के लोगों ने तोशाम-जूई मार्ग पर एकत्रित होकर रोष जताया। लोगों ने बस स्टैंड पर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली का पुतला जलाया। राजपूत समाज के बेदपाल, राजपाल, अभयसिंह, अजीत, सुरेश शेखावत, रणबीर सिंह, ओमप्रकाश, भंवरसिंह आदि ने बताया कि फिल्म में पद्मावती के गौरव को गलत तरीके से दर्शाया गया है। इससे राजपूत समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। प्रदेश सरकार ने भी फिल्म पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रोक को हटा दिया। लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाए।