भिवानी। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते भिवानी जिला प्रशासन ने भी अलर्ट रहकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलेभर में 400 होमगार्ड जवानों के साथ 200 एनसीसी कैडे्टस और 800 स्वयंसेवकों को भी आपातकालीन स्थिति में लोगों के राहत और बचाव के लिए पूर्वाभ्यास कर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इसी तरह सभी 312 गांवों में लोगों की जागरूकता के लिए सायरन स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को भी पर्याप्त दवाओं का भंडारण करने व रक्त की आपूर्ति के लिए पर्याप्त भंडारण संबंधी प्रबंधों को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसी तरह बिना अनुमति के किसी भी अधिकारी को मुख्यालय नहीं छोड़ने के आदेश हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने भी सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है।
भिवानी जिले में सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस विभाग ने सभी कर्मचारी अलर्ट पर रखे हैं, वहीं पुलिस अधिकारियों को भी हर स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद कर दिया है। जिला प्रशासन ने भी स्वास्थ्य, दमकल विभाग, बिजली निगम को अलर्ट पर रखा है। आपात सेवाओं के लिए भी चौबीसों घंटे तक कर्मचारियों को अलर्ट किया है।
वहीं जिले में मौजूदा हालातों पर किसी तरह का तनाव व भय न बने इसके लिए अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले में सभी सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा के लिए पहले से ही पुख्ता बंदोबस्त किए जा चुके हैं।
बर्न विशेषज्ञ चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने निजी व सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं व सभी ग्रुप के रक्त के पर्याप्त भंडारण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही बर्न विशेषज्ञ चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा है। महानिदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने जरूरी इंतजाम करने के साथ ही जिले के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा है।
दवा भंडारण और नर्सिंग टीम को अलर्ट रहने के आदेश
जिले के निजी व सरकारी अस्पतालों में फिलहाल 1,497 बेड उपलब्ध है। सीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि दवा भंडारण व चिकित्सा उपकरणों को दुरुस्त रखने के अलावा, पैरा-मेडिक्स व नर्सिंग टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए हैं। फर्स्ट ऐड, ओटी के लिए अलग से इंचार्ज नियुक्त कर दिए हैं। रक्त भंडारण में 600 यूनिट उपलब्ध हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी चिकित्सकों की नियुक्ति लगा दी गई है। सभी निजी अस्पतालों को अपनी क्षमता के अनुसार दवाइयों, ऑक्सीजन का भंडारण रखने के लिए कहा गया है। वेंटीलेटर व अन्य संसाधनों को चालू हालत में रखने के लिए टेस्टिंग करने को कहा गया है।
बर्न चिकित्सकों को सतर्क रहने के दिए आदेश
युद्ध की स्थिति में ट्रामा सेंटर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में बेहद मददगार होते हैं। बर्न विशेषज्ञ की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। ऐसे में ट्रामा सेंटर को दुरुस्त रखने और बर्न चिकित्सकों को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं। सीएमओ ने दोनों ही वार्ड से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सकों की सूची ले कर उनकी ड्यूटी लगा दी है। आपातकालीन कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। कंट्रोल रूम के लिए नंबर भी जारी किया गया है। जो 24 घंटे चालू रहेगा। किसी भी आपात स्थिति में 01664-244108 पर कॉल कर संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने जारी की एडवाइजरी
पुलिस अधीक्षक भिवानी मनबीर सिंह ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सावधान रहे, घबराए बिल्कुल भी नहीं। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दे। सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, एक्स, टवीटर, फेसबुक आदि पर फैली खबरों की पुष्टि करें। बिना पुष्टि किसी भी खबर को फॉरवर्ड न करें। एसपी ने कहा कि सबसे पहले जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। घर में सबसे सुरक्षित कमरा पहचानें (जहां खिड़कियां न हों)। बाहर हों तो पास के मजबूत ढांचे या निचली जगह में लेट जाएं। तत्काल रिकॉर्डिंग या वीडियो बनाने के लिए बाहर न दौड़ें। इमरजेंसी किट तैयार रखें। पहचान पत्र, जरूरी दवाइयां, पानी, सूखा खाना, मोबाइल चार्जर, फ्लैश लाइट एक किट बैग में रखें जो तुरंत उठाकर निकला जा सकें।
तीन दिन बंद रहेंगे सभी स्कूल
शनिवार से ही जिलेभर में तीन दिनों के लिए सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों के अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। हालांकि मंगलवार को स्कूल खुलेंगे या नहीं यह अभी स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे में आम लोगों को भी प्रशासन की ओर से जारी की गई हिदायतों की पालना करने की अपील की जा रही है। इससे वे सुरक्षित रह सकें। फिलहाल भिवानी में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं, सीमांत इलाकों को छोड़कर कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
पूर्व सैनिकों की भी प्रशासन ने जुटाई जानकारी
उपायुक्त महावीर कौशिक ने शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन का आपदा प्रबंधन टीमों के साथ निरंतर संपर्क में है। जिला प्रशासन द्वारा पुलिस के साथ-साथ होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों की सूची तैयार की गई है। इसके साथ-साथ पूर्व सैनिकों का भी डाटा मांगा गया है ताकि जरूरत के समय उनकी सेवाएं ली जा सकें।
सभी गांवों में स्थापित किए जा रहे सायरन
डीसी ने बताया कि नागरिकों की जागरूकता के लिए जिला के सभी गांवों और शहरी क्षेत्र में सायरन स्थापित किए जा रहे हैं। भिवानी शहर में लघु सचिवालय पर सायरन स्थापित कर दिया गया है। इसके अलावा शहर के बीचों-बीच स्थित सिटी थाना भवन पर भी सायरन स्थापित करवाया जाएगा। जिले के सभी 312 गांवों में सायरन स्थापित करवाए जा रहे हैं। अधिकांश गांव में सायरन स्थापित किए जा चुके हैं। सायरन स्थापित करने का मकसद लोगों को कोई भी जानकारी एक साथ देने का है। सायरन बजने पर कुछ जरूरी सावधानियां रखनी होती हैं।
ब्लैकआउट के दौरान करें हिदायतों का पालन
जिलावासियों से प्रशासन ने अपील की है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थित या जरूरत के समय बजने वाले सायरन या ब्लैकआउट के दौरान हिदायतों का पालन करें। सरकार और प्रशासन का सहयोग करें। उपायुक्त ने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वयं भी किसी प्रकार की भ्रामक बातें न फैलाएं। यह राष्ट्र की सुरक्षा का मामला है।
बोर्ड चेयरमैन ने रद्द की सभी कर्मचारियों की छुट्टी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने भारत-पाक के तनाव भरे हालात को देखते हुए शिक्षा बोर्ड के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर अलर्ट कर दिया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि बोर्ड कर्मचारी हर स्थिति में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे और जरूरत पड़ी तो लोगों की सहायता के लिए रक्त की आपूर्ति भी कराएंगे। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और सुरक्षा सर्वोपरि है।
एसडीएम ने अस्पताल और बिजली घर सब स्टेशन का किया दौरा
लोहारू। भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा व मूलभूत सुविधाओं के मद्देनजर एसडीएम मनोज दलाल ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 132 केवी बिजली सब स्टेशन, 33 केवी पावर हाउस,चौ. बंशीलाल राजकीय महाविद्यालय और सावित्रीबाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय का दौरा कर उनका निरीक्षण किया।
एसडीएम ने एसएमओ डॉ. गौरव चतुर्वेदी से अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, बेड और चिकित्सा से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपना हेडक्वार्टर मेंटेन रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
उन्होंने चौधरी बंसीलाल राजकीय महाविद्यालय एवं सावित्रीबाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय में उपलब्ध आवश्यक उपकरण, भवन और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। एसडीएम ने कहा कि सरकार के मुख्य सचिव द्वारा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मुख्यालयों, स्टेशनों पर रहने का निर्देश दिया है। बिना अनुमति के कोई भी अपना स्टेशन नहीं छोड़ेगा।
महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को अलर्ट मोड पर कर दिया है। सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं व चिकित्सकों की जानकारी ले कर ड्यूटियां लगा दी हैं। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सीएमओ भिवानी।