फतेहाबाद जिले के गांव भट्टू कलां में 31 अगस्त को अदालती कार्रवाई के दौरान एडवोकेट सुरेश बंसल की हत्या के मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
इसके साथ मांग की है कि हत्याकांड की जांच फतेहाबाद पुलिस के बजाय किसी अन्य एजेंसी से करवाई जाए और फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। आरोपी लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
एडवोकेट सुरेश बंसल के बेटे एडवोकेट पंकज बंसल और गौरव बंसल ने बताया कि 95 दिन पहले हुई हत्या में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। तीन गिरफ्तार आरोपियों को भी पुलिस ने छोड़ दिया है। छह आरोपियों में से एक पुलिस गिरफ्त में है और दो फरार हैं।
चश्मदीद शिकायतकर्ता पंकज बंसल ने कहा कि घटना के समय नायब तहसीलदार विजय मोहन स्याल की मौजूदगी में पंचायत भवन भट्टू में कार्रवाई चल रही थी, जहां उनके पिता एडवोकेट सुरेश बंसल मौजूद थे।
इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर आए छह आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर सुरेश की मौके पर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने नायब तहसीलदार को भी गवाह बनाया है।
पंकज बंसल के अनुसार आरोपी विजय वगैरहा पहले से 307 धारा में सजा याफ्ता है और हाईकोर्ट से जमानत पर है।
उन्होंने बताया कि शेष आरोपी अनिल पुत्र विजय सिंह, रवि पुत्र विजय सिंह के अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका, जबकि पुलिस ने तीन आरोपी शंकर, सुरेश व चिंटू उर्फ सुखदीप को रिहा कर दिया है।