हरियाणा के जिला भिवानी के बाढड़ा के गांव काकड़ौली सरदारा में सरपंच व विरोधी गुट ने सोमवार को खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय पहुंच कर अपनी उपस्थित दर्ज करवाई और बीडीपीओ-कम-जांच अधिकारी के न पहुंचने पर रोष जताया।
काकड़ौली सरदारा के सरपंच ठंडूराम की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर ग्राम पंचायत के दस में से आठ सदस्यों ने 20 अगस्त को जिला उपायुक्त को हल्फनामा देकर उनको पद से हटाने की मांग की थी।
उपायुक्त ने इस मामले की जांच के लिए बीडीपीओ बाढड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त कर काकड़ौली सरदारा ग्राम पंचायत सदस्यों को दो बार नोटिस भेजा, लेकिन कार्यालय में पहुंचने पर वे नदारद रहे।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय पहुंचे पंच सुभाष, पंच सुरेश कुमार, राजेन्द्र सिंह, सुनील शर्मा, अजीत सिंह, शर्मिला पंच, नीलम, अनिल कुमार, ठेकेदार जगमाल सिंह, जगदीश, अजीत सिंह, शीशराम शर्मा, महिपाल सिंह, सुरजमल, शेरसिंह, महाबीर, मुन्ना सांगवान आदि ने कहा कि उन्होंने दो माह पूर्व अपने हल्फनामे उपायुक्त कार्यालय में जमा करवाए थे, लेकिन विकास एवं पंचायत विभाग जानबूझ कर इस मामले को लटका रहा है।
वहीं, सरपंच ठंडूराम के साथ मौके पर पहुंचे दूसरे गुट के अमर सिंह, राम चंद्र, कर्ण सिंह, नरेश चावला, भोलाराम, श्योलाल, गोपीराम, महेन्द्र सिंह, हीरालाल आदि सदस्यों ने बताया कि गांव के कुछ लोग जानबूझ कर विकास कार्यों में बाधा बने हुए हैं।
सभी ग्रामीणों की जल्द ही आम बैठक आयोजित कर मामले को सुलझा लिया जाएगा। इस बारे में एसईपीओ करतार सिंह ने कहा कि बीडीपीओ हरिओम शर्मा जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में व्यस्त हैं। पंचायत सदस्यों को 9 अक्तूबर को दोबारा जांच के लिए बुलाया गया है।