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श्रमिक ने किया आत्मदाह का प्रयास

Thu, 16 Jan 2014 11:24 PM IST
अमर उजाला, फरीदाबाद
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सेक्टर-58 स्थित विकास स्ट्रिप्स कंपनी के निकाले गए एक कर्मचारी ने बकाया वेतन और हिसाब नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर बृहस्पतिवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय स्थित श्रम एवं समझौता अधिकारी के कमरे में आत्मदाह का प्रयास किया।
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उसे बीके अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दूसरी ओर, उसके साथी कर्मचारियों ने कंपनी मालिक पर आग लगाने का आरोप लगाया है। सेंट्रल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सेक्टर-58 स्थित विकास स्ट्रिप्स कंपनी में होडल निवासी तारीफ का बेटा विकास काम करता था। करीब डेढ़ साल पहले कंपनी ने 150 कर्मचारियों को निकाल दिया था। उसमें विकास भी शामिल था।
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श्रमिकों के आंदोलन के बाद प्रशासन ने कई दौर की बातचीत करवाकर अधिकांश कर्मचारियों को काम पर रखवाया। लेकिन 23 कर्मचारी ऐसे थे, जिन्हें कंपनी ने दोबारा रखने से मना कर दिया।

इन 23 कर्मचारियों में से 18 का कंपनी ने 22 दिसंबर 2013 को हिसाब कर दिया। लेकिन पांच कर्मचारियों मनवीर, जितेंद्र, अरुण, विकास व नरेश का विवाद चल रहा था। इसेलेकर पांचों कर्मचारियों ने श्रम विभाग में शिकायत दी थी।

उप श्रमायुक्त सुधा चौधरी ने समझौते के लिए कंपनी मालिक व पांचों कर्मचारियों को बुधवार को सेक्टर-15ए स्थित अपने कार्यालय बुलाया था। बताया जाता है कि यहां पर कंपनी मालिक आरके गोयल ने लिखकर दिया था कि वह पांचों कर्मचारियों का वेतन बृहस्पतिवार को दे देगा।

इसके बाद वेतन के लिए बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष बुलाए गए। श्रम एवं समझौता अधिकारी भूप सिंह के कमरे में कंपनी मालिक आरके गोयल व उनका बेटा अजय गोयल बैठे हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कमरे में आकर कर्मचारियों को वेतन लेने के लिए कहा। सबसे पहले विकास वेतन लेने के लिए गया।

बाकी चार कर्मचारी बाहर खडे़ थे। लेकिन कुछ मिनट बाद विकास जलता हुआ कमरे से बाहर निकला। इससे वहां हड़कंप मच गया। साथियों ने आग बुझाकर विकास को इलाज के लिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे सफदरजंग रेफर कर दिया गया।

विकास के साथियों ने आरोप लगाया कि विकास को कंपनी मालिक ने आग लगाई है। घटना के बाद फारेंसिक टीम श्रम कार्यालय पहुंची। एहतियातन वहां पुलिस तैनात कर दी गई, क्योंकि श्रमिक नेता जुटने लगे थे।

उप श्रमायुक्त सुधा चौधरी से इस बारे में तीन बार बात की गई। लेकिन उन्होंने हर बार कहा कि वह मीटिंग में हैं। यही हाल श्रम एवं समझौता अधिकारी भूप सिंह का रहा, जिनके कमरे में यह घटना घटी है। कंपनी मालिक आरके गोयल ने फोन ही नहीं उठाया।


मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य मिलेंगे उसके आधार पर मामला दर्ज होगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पीड़ित पक्ष की शिकायत ले ली गई है।
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-देवेंद्र यादव, डीसीपी-सेंट्रल
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