रोहतक के बहुचर्चित ‘अपना घर’ मामले का जिन फिर बाहर आ गया है। इस बार सीबीआई ने खुलासा किया है संचालिका जसवंती देवी ने 1.43 करोड़ रुपये की ग्रांट केंद्र और हरियाणा सरकार से ली और फर्जी बिल बनाकर हड़प ली।
अब सीबीआई की दरखास्त पर केंद्र ने हरियाणा सरकार से नया मामला दर्ज करने के लिए अधिसूचना जारी करने को कहा है।
सीबीआई की एंटी क्राइम ब्रांच चंडीगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश डागर ने यह दरखास्त अपने एसपी को भेजी, जिसे एसपी ने मुख्यालय को भेज दिया है।
डागर ने दरखास्त में लिखा है कि सीबीआई जांच में सामने आया कि 20 अगस्त, 2012 को भारत विकास परिषद की बैलेंस शीट चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर से जब्त की गई थी।
संघ ने 2005 से 2011 तक केंद्र और हरियाणा सरकार से 1,43,25,415 रुपये की ग्रांट ली थी। अपना घर रोहतक से 18 जुलाई, 2012 को छापे के दौरान वाउचरों, बिलों की एक फाइल जब्त की थी।
इस फाइल में रोहतक और आसपास के क्षेत्रों की 17 फर्मों के बिल और रसीदें थी। जांच में पाया कि सभी 17 फर्में फर्जी थीं और केवल खर्च दिखाने के लिए फर्जी बिल तैयार किए गए थे।
क्षेत्र के डाकियों और अन्य लोगों ने भी कहा कि रोहतक की नौ फर्में नंदा एंड संस, गुजराल केमिकल इंडस्ट्री, गोयल स्टेशनरी हाउस, जीत फोटो स्टूडियो, गोबिंदा वूलन स्टोर, नरेश क्लाथ इंपोरियम, हरियाणा स्टेशनरी हाउस, हरी गिफ्ट सेंटर और सिंगला जनरल हाउस मौजूद ही नहीं हैं।
स्वाधार के लिए फर्जी दिखाया किराये पर लिया भवन
जांच में पाया गया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से स्वाधार होम/ अपना घर चलाने के लिए ग्रांट ली गई। जसवंती ने एक मकान को स्वाधार के लिए किराये पर लिया हुआ दिखाया, लेकिन उस मकान मालिक ने बताया कि
उन्होंने कभी अपना मकान किराये पर नहीं दिया और न ही किरायानामा तैयार किया था। सीबीआई ने पाया कि किरायानामे पर जसवंती की बेटी सिम्मी के भी गवाह के तौर पर हस्ताक्षर हैं।
25 बीपीएल कार्ड मिले, फ्लैट बुक कराए
सीबीआई ने जांच में पाया कि जसवंती ने भारत विकास संघ की सचिव के नाते शपथ देकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से अपना घर में रह रही लड़कियों के 25 बीपीएल राशन कार्ड बनवाए। इनके आधार पर सोनीपत में एक बीपीएल फ्लैट अलाट करवाया।
इससे संबंधित फाइल में शारदा नाम की लड़की की वसीयत मिली, जिसमें जसवंती को उसकी संपत्ति की वारिस दिखाया गया है। शारदा की मौत हो चुकी है। जसवंती ने इन लड़कियों के नाम पर कई और भी फ्लैट बुक कराए लेकिन वे ड्रा में नहीं निकले।
इन विभागों से ली ग्रांट
हरियाणा स्टेट सोशल वेलफेयर एडवाइजरी बोर्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, हरियाणा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड, हरियाणा प्राथमिक शिक्षा परियोजना परिषद, खेल और युवा मामले
हरियाणा, राष्ट्रीय महिला आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा।