अंबाला सिटी। जिला परिषद चेयरमैन राजेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद वैलेट पेपर से चुनाव नहीं कराने का मामला हाईकोर्ट में है। मंगलवार को हाइकोर्ट में मामले में सुनवाई हुई।
इस मामले में सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया है। अब मामले में अगली तारीख 28 जनवरी लगी है। दरअसल, जिला परिषद सदस्यों ने डीसी को चेयरमैन राजेश कुमार और उप चेयरमैन करनैल सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर जिला परिषद ने सभी सदस्यों को नोटिस दिए थे और अविश्वास प्रस्ताव के लिए मत कराया था।
12 नवंबर मंगलवार को सर्वसम्मति से सदस्यों ने मत दिया था। इस दौरान चेयरमैन राजेश कुमार के खिलाफ कुल 15 सदस्यों में से 11 वोट दिए थे। इससे उनकी कुर्सी चली गई थी और चेयरमैन का पद खाली हो गई था। इसी तरह उप चेयरमैन करनैल सिंह के खिलाफ 9 वोट पड़े थे, उनकी कुर्सी बच गई थी। बैलेट पेपर से चुनाव न करवाने पर चेयरमैन राजेश कुमार हाइकोर्ट में चले गए थे।
राजनीतिक उठापटक से रुका विकास
जिला परिषद में चल रही राजनीतिक फेरबदल के कारण परिषद के वार्ड में होने वाले काम प्रभावित हो रहे हैं। जून में सदन की अंतिम बैठक हुई थी। इसके बाद अभी तक न तो कामों के लिए बैठक हो पाई है और न ही आए हुए करोड़ों रुपये के बजट का इस्तेमाल हो पा रहा है। हाल ही में तीन करोड़ रुपये से अधिक के काम करने के लिए जिला परिषद को बजट जारी हुआ था। जिसमें से अभी तक बजट खर्च नहीं किया गया है। पहले लोकसभा के चुनाव और बाद में विधानसभा चुनावाें के कारण कई काम रुक गए। इन कामों में जिले भर की आंगनबाड़ी केंद्रों की रिपेयरिंग का कार्य भी शामिल है। इसके लिए निदेशालय से दो करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है।