रविवार को अनाज मंडी स्थित गीता गोपाल संस्था की ओर से 26वीं पर्यावरण रक्षार्थ हिमालयन रैली का आयोजन किया गया। रैली में मौजूद 80 मोटरसाइकिलों सवार 200 सदस्यों को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद व विधायक असीम गोयल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि गीता गोपाल संस्था द्वारा धर्म व संस्कारों की शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में और संस्था द्वारा वर्तमान समय की सबसे बडी चुनौती पर्यावरण प्रदूषण और कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध जनमत तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जा रही है। वहीं गीता गोपाल के संस्थापक राकेश मोहन शर्मा लक्की ने कहा कि हर वर्ष संस्था की ओर से सामाजिक सेवा व जागरूकता के लिए रैली निकाली जाती है। इस रैली में 80 मोटरसाइकिलों पर सवार 200 से अधिक युवा शामिल है। उन्होंने कहा कि इन 20 दिनों की यात्रा के दौरान गोवर्धन जी, गंगोत्री, गोमुख, तपोवन, श्रीनगर, जोशीमठ, बद्रीनाथ, चरण पादुका, वशुधारा, ऋषिकेश व हरिद्वार क्षेत्रों में पर्यावरण प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ व बेटा-बेटी संस्कारी बनाओ का संदेश देगी। दूसरी ओर, स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि गीता गोपाल संस्था द्वारा पर्यावरण प्रदूषण के विरूद्घ लोगों को जागरूक करने के लिए सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के साथ-साथ विचारों के प्रदूषण को भी शुद्ध करने की आवश्यकता है क्योंकि सभी बुराइयां वैचारिक प्रदूषण से ही उत्पन्न होती है। कार्यक्रम में संस्था के जुड़े श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में भाग लिया और रैली में शामिल सदस्यों का उत्साह वर्धन कर बधाई दी। इस मौके पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता बीडी भंखर, सहायक पुलिस आयुक्त हितेश यादव, कैंटोनमैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवारी, बलकेश वत्स, रामबाबू यादव, एडवोकेट मान सिंह काकरान मौजूद रहे।
हौसले से आगे बढ़कर ही मिलती जीत अगर मनुष्य में कुछ करने का जज्बा हो तो वह मुश्किल का सामना कर अपनी मंजिल को हासिल कर सकता है। यह हौंसला और जज्बा देखने को मिला गीता गोपाल संस्था की ओर से निकाली गई मोटरसाइकिल रैली में। जिसमें एक ओर पूरी तरह विकलांग होने के बावजूद व्यक्ति जागरूकता फैला रहा है। जबकि दूसरी ओर, विदेश से अपने परिवार के संग भारत आकर रैली में शामिल है और उधर, 84 साल की उम्र में भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए जागरूकता फैला रहा है।
अमेरिका से आकर बाप-बेटा कर रहे जागरूकपिछले पंद्रह साल से विदेश में रहकर भारतीय संस्कृति व संस्कारों को नहीं भूले और कई सालों से गीता गोपाल संस्था की रैली में शामिल होकर सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। यह कहानी है ईदगाह रोड निवासी जगदीश नंदा व उनके बेट हर्ष नंदा की। जो पिछले पंद्रह सालों से परिवार सहित अमेरिका में है और मोटरसाइकिल रैली में शामिल होकर पर्यावरण रक्षार्थ के लिए जागरूक कर रहे हैं। उधर, पिता जगदीश नंदा ने बताया कि वह पिछले चार सालों व उनका बेटा पंद्रह सालों से रैली में भाग ले रहा है। ऐसा करने से मन को शांति मिलती है और अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका भी मिलता है।
शारीरिक रूप से विकलांग, परंतु हौसले बुलंद भले ही शारीरिक रूप से विकलांग है, पंरतु अपने हौसलों से इरादों को पूरा कर समाज के लिए एक मिशन बन चुके है। यह कर दिखाया है मिठापुर निवासी मनोज वर्मा ने। जिन्होंने शारीरिक रूप से कमजोर होने पर भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं भूला और पिछले सात सालों से अपने नेक इरादों से गीता गोपाल की मोटरसाइकिल रैली में शामिल हो रहे है। वह ज्वैलरी का काम करते है और पंद्रह दिन तक अपना काम बंद कर रैली में संबंधित विषयों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे है। ताकि हर युवा वर्ग पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए जुट सके और लोगों को जागरूक करें।
आजादी के बाद से ही कर रहे सामाजिक कार्यदेश को आजादी मिलने के बाद से ही दिल में समाज सेवा का जज्बा लेकर आज 84 साल की उम्र तक सामाजिक कार्य करते आ रहे है। यह कहानी अंबाला कैंट के ग्वालमंडी निवासी किशन भक्त के जीवन से जुड़ी है। जिन्होंने अपने जीवन में कई अनाथ व जरुरतमंद लड़कियों की शादी करवाई और कई सालों से गऊओं की सेवा करते आ रहे है। वहीं पिछले तीन साल से यात्रा में शामिल हो होकर अपना योगदान दे रहे है।