रविवार को अंबाला कैंट में संत रामपाल के अनुयायियों ने पैदल मार्च निकालकर संत रामपाल पर दर्ज देशद्रोह का केस वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में सीबीआई जांच भी करवाए।यह पैदल मार्च कैंट के विभिन्न बाजारों से होकर निकला। यह सभी अनुयायी कैंट के बाजारों से होते हुए मंत्री अनिल विज के आवास तक पहुंचे और यहां पर मंत्री को ज्ञापन दिया। यहां पर इन सभी अनुयायियों ने संत रामपाल पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की। पैदल मार्च के दौरान संत रामपाल अनुयायी काफी संख्या में एकत्रित होकर निकले। अनुयायियों के हाथों में संत रामपाल के समर्थन में बैनर आदि लिए थे, जबकि इस दौरान पर्चे भी बांटे गए। अनुयायियों का कहना है कि संत रामपाल पर देशद्रोह का झूठा मामला दर्ज किया गया है। संत रामपाल ने कभी समाज को बांटने की कोशिश नहीं की है, जबकि हमेशा ही संतों के संदेश को समाज में फैलाया है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत संत रामपाल को फंसाया गया है, जबकि उनके अनुयायियों के खिलाफ भी मामले बनाकर उनको जेल में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि भक्तों को अपने संत रामपाल पर पूरा विश्वास है और इसी विश्वास के कारण सैकड़ों की तादाद में अनुयायी कैंट में एकत्रित हुए हैं। अनुयायियों ने मांग की है कि संत रामपाल पर दर्ज किया गया देशद्रोह का केस वापस लिया जाए और सरकार इस मामले में सीबीआई जांच भी करवाए। यह पैदल मार्च कैंट के निकलसन रोड, सदर बाजार, विजय रतन चौक, रेलवे रोड, नेशनल हाइवे से होते हुए से होते हुए निकला। इसके बाद यह पैदल मार्च मंत्री अनिल विज के आवास शास्त्री कालोनी तक पहुंचा और यहां पर उन्होंने अपनी मांगें दोहराईं। इस दौरान बाजारों व हाइवे पर भी जाम की स्थिति बनी रही। मंत्री आवास के बाद यह सभी रवाना हो गए।