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युवाओं को मिल रही तारीख, टीका लगवाना बना चुनौती

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आईटीआई में स्वास्थ्य कर्मी से जानकारी हासिल करते लोग। संवाद - फोटो : Ambala
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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। वैक्सीन लगवाने के लिए युवा प्रतिदिन शाम को सारे का छोड़ ऑनलाइन होकर वैक्सीन लगवाने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं। वैक्सीन की सही तरीके से व्यवस्था न होने के कारण पंजीकृत युवाओं को भी मायूस होना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा शुक्रवार को शहर की आईटीआई में बनाए गए वैक्सीनेशन केंद्र पर भी देखने को मिला। जहां भारी संख्या में युवा वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे।
लेकिन जैसे ही युवाओं ने अंदर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों से वैक्सीन लगाने को कहा तो कर्मियों ने 18 से 44 उम्र वालों के लिए किसी भी वैक्सीन न होने की बात कही। जिसके बाद युवाओं के चेहरे उतर गए और उन्हें बिना वैक्सीन लगवाए ही वापस जाना पड़ा। यही स्थिति जिले भर के अन्य केंद्रों की रही। यही कारण रहा कि शुक्रवार को मात्र 148 युवाओं को ही टीका लग पाया।
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मैंने वैक्सीन लगवानी थी, मेरा पंजीकरण भी हो चुका है। लेकिन मुझे अभी स्लॉट नहीं मिला है। पता लगा था कि पंजीकृत युवाओें को वैक्सीन लगाई जा रही है। लेकिन यहां आया तो पता चला कि आज युवाओं के लिए वैक्सीन ही नहीं आई। -प्रवेश कुमार।
हमारा पंजीकरण हो रखा है, लेकिन स्लॉट नहीं मिल पा रहा है। किसी ने बताया था कि आईटीआई में दो बजे के बाद बिना स्लॉट के पंजीकृत युवाओं को वैक्सीन लगाई जा रही है। आज आए तो कह रहे हैं कि युवाओं के लिए कोई भी वैक्सीन नहीं मिली है कल पता कर लेना। - प्रोमिला।
मेरा पंजीकरण हो रखा है लेकिन स्लॉट मिलने में परेशानी आ रही है। हमारे किसी पहचान वाले ने बताया कि आप आईटीआई में जाओ वैक्सीन लग जाएगी, क्योंकि छावनी में कहीं भी बिना स्लॉट के वैक्सीन नहीं लग पा रही है। - राजवती।
काफी दिनों से पंजीकरण करवाने की कोशिश कर रहा था, अब जब हुआ तो यहां वैक्सीन लगवाने के लिए आ गया। यहां आया तो अंदर बैठे कर्मचारी कह रहे हैं कि आज युवाओं के लिए आने वाली वैक्सीन की खेप नहीं पहुंची। आप कल आ जाना। जब बाहर लगाए जा रहे वैक्सीनेशन कैंप में वैक्सीन मिल रही है तो सेंटर पर क्यों नहीं? - सन्नी।
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काफी दिनों से वैक्सीन लगवाने का प्रयास कर रहे हैं , लेकिन पहले तो पंजीकरण ही नहीं हो रहा था। अब पंजीकरण हुआ तो वैक्सीन लगवाना ही चुनौती बन गया। क्योंकि वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट मिलना जरूरी है। ऐसे में हम जब काम पर जाते हैं तो वैक्सीन लगवाना हमारी मजबूरी बन गई है। - सोनू।
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