हरियाणा के अंबाला में पांच मई को बसताड़ा टोल के पास से पकड़े गए आतंकियों की इनोवा कार से मिली दो फर्जी आरसी में से एक पर आतंकियों द्वारा चलाई जा रही स्कॉर्पियों को फिरोजपुर पुलिस द्वारा बरामद किया जा चुका है। जबकि दूसरी आरसी अरुणाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड एक अन्य वाहन की है।
पुलिस को शक है कि ये दोनों फर्जी आरसी आतंकियों ने अंबाला में तैयार करवाई है। अंबाला में चल रहे फर्जी आरसी के गिरोह से इसके तार जुड़ते दिख रहे हैं, जिसके चलते मधुबन पुलिस ने अंबाला के साहा निवासी एक युवक के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कर इस जांच को आगे बढ़ाया है। जल्द पुलिस इस युवक की गिरफ्तारी कर पूछताछ करेगी।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार चारों आतंकियों ने बताया था कि ये दोनों गाड़ियां उन्होंने अलग-अलग समय पर खरीदी हैं और दोनों गाड़ियां उनके पास हैं, लेकिन इसकी तस्दीक की गई तो एचआर 02 एटी 9917 नंबर की स्कार्पियो वास्तव में यमुनानगर के देवघर निवासी इकबाल के नाम है।
ये गाड़ी उसके पास ही है, इंजन व चेसिस नंबर भी सही है, लेकिन तकनीकी रूप से जांच की गई तो पता चला कि इसी नंबर पर एक दूसरी फर्जी आरसी भी जारी की गई। इस फर्जी आरसी पर चल रही स्कॉर्पियों को पंजाब की फिरोजपुर पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त उन आरोपियों से बरामद किया है, जिनकी कड़ियां करनाल में पकड़े गए आतंकियों से जुड़ती नजर आ रही हैं।
इनोवा में मिली दूसरी आरसी ब्रेजा कार की है, इसके मालिक पानीपत के सिवाह निवासी रजनीश कादियान हैं। पुलिस ने जाकर तस्दीक की तो ब्रेजा रजनीश के पास ही मिली, इसका इंजन व चेसिस नंबर भी सही पाया गया। जिसे रजनीश ने 2018 में खरीदा था, लेकिन तकनीकी रूप से चेक करने पर पता चला कि इस गाड़ी की भी इंजन व चेसिस नंबर बदलकर एक दूसरी फर्जी आरसी तैयार की गई है। जिसका उपयोग करनाल में गिरफ्तार आतंकियों व उनके साथियों द्वारा किया जा रहा है।