- पुलिस की जांच में पकड़े गए तो स्वीकार कर ली गलती, कर दिया माफ
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिले के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले तीन छात्रों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर अपने शिक्षकों के एआई तकनीक से मीम बना दिए। जो भी शिक्षक उन्हें डांटता या सख्ती करता था, उसके वह मीम तैयार कर देते। इसकी शिकायत जब प्रबंधन ने साइबर क्राइम पुलिस से की तो छात्रों को चिन्हित कर लिया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो बच्चों ने गलती स्वीकार कर ली। हालांकि उन्हें माफ कर दिया गया। यह मामला नवंबर-दिसंबर का है।
छात्रों ने निजी स्कूल के नाम से मिलती जुलती फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर इस काम को किया। इसके लिए एक दोस्त का फोन इस्तेमाल किया गया तो दूसरे दोस्त का सिम कार्ड। इसी तरह तीसरे दोस्त ने आईडी बनाई और सोशल मीडिया पर अध्यापक के खिलाफ क्या आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना है, यह तय किया। इसका खुलासा होने के बाद छात्रों ने बताया कि उन्हें लगा था कि इंस्टाग्राम आईडी पर फोन नंबर दिखाई नहीं देता और वह पकड़े नहीं जाएंगे। यहां तक कि इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के बाद बच्चों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से ही स्कूल के कई बच्चों और अध्यापकों पर आपत्तिजनक पोस्ट के लिंक भेजे, जिसके बाद यह खुलासा हुआ।
बाल कल्याण समिति से भी लिया सुझाव
निजी स्कूल प्रबंधक कमेटी के नोटिस में जब यह मामला आया तो एसपी अजीत शेखावत से मुलाकात कर शिकायत सौंपी गई। एसपी ने मामले को साइबर सेल में भेजा। जांच में मोबाइल, सिम नंबर आदि जानकारी मिल गई। यहां तक कि बच्चे वाईफाई भी किसी और का प्रयोग कर रहे थे। मामले को संवेदनशील तरीके से संभालने के लिए बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजीता से भी मार्गदर्शन लिया गया। इसके बाद मामले को बाल हित में देखा गया।
किया जाएगा जागरूक
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस के जोनल अध्यक्ष प्रशांत मुंजाल ने बताया कि यह घटना छात्रों में डिजिटल जिम्मेदारी की आवश्यकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्कूलों और अभिभावकों को मिलकर बच्चों में जिम्मेदार तकनीकी उपयोग की आदत विकसित करनी चाहिए। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता सौरभ कपूर ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि साइबर दुराचार न तो मामूली है और न ही गुमनाम। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार पर जागरूकता के लिए विभिन्न सेमिनार आयोजित करेगा।
एक गलत पोस्ट पहुंचा सकती है जेल
जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल के दिनों में सामने आए मामलों को देखते हुए अंबाला पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। अंबाला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग कर किसी की अश्लील फोटो या वीडियो बनाता है। उसे सोशल मीडिया पर वायरल करता है या किसी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी-लांछन लगाता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। ऐसे अपराधों में संलिप्त पाए जाने पर जेल की हवा खानी पड़ सकती है।