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Ambala News: मामला सामने आने पर अस्पताल प्रशासन सकते में, शुरू की जांच

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अंबाला। कैंट के नागरिक अस्पताल में सामने आए भ्रूण लिंग जांच गिरोह के मामले में अल्ट्रासाउंड कक्ष के स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। हालांकि अभी तक जांच में किसी अन्य स्टाफ की संलिप्ता सामने नहीं आई है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन की तरफ से अपने स्तर पर जांच की जा रही है।
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वहीं, दबिश के बाद सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल ने भी अस्पताल का दौरा कर संबंधित डॉक्टरों से जानकारी ली। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों ही आरोपी कैंट के सीएनआई चर्च कम्पाउंड में रहने के कारण बचपन के दोस्त हैं। आरोपी सागर पिछले पांच साल से एचकेआरएन के तहत चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था फिर भी अस्पताल प्रबंधन ने सागर को एंटी रेबिज वेक्सीनेशन ओपीडी में टीके लगाने के लिए तैनात किया हुआ था।
पीएनडीटी टीम की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर ने अल्ट्रासाउंड रूम में डिकोय तीन माह की गर्भवती महिला का सामान्य अल्ट्रासाउंड करवाया था। पेट दर्द की जांच करके हुए अल्ट्रासाउंड में महिला के गर्भवती की बात आई तो संबंधित डॉक्टर ने महिला ओपीडी में रेफर कर दिया था। महिला को कहा था कि वह महिला ओपीडी में जांच करवाए और उनके कहने पर ही अल्ट्रासाउंड होगा। जबकि आरोपियों ने महिला को सेटिंग होने की बात बोलते हुए भ्रूण लिंग जांच करवाने की बात बोली थी। वहीं कुरुक्षेत्र की पीएनडीटी टीम ने डिकोय महिला को दिए 500-500 के नोटों के नंबर पहले ही नोट कर लिस्ट बना रखी थी। संवाद
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